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अमेरिका-ईरान समझौते पर भड़के पूर्व सलाहकार जॉन बोल्टन, बोले- तेहरान के पक्ष में झुका सौदा, परमाणु खतरा फिर बढ़ेगा

US-Iran agreement 2026: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने अमेरिका-ईरान समझौते को तेहरान के पक्ष में झुका हुआ बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रतिबंधों में राहत मिलने से ईरान दोबारा अपने परमाणु कार्यक्रम, सैन्य ताकत और क्षेत्रीय प्रभाव को बढ़ा सकता है।

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भारत

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Ashib Khan

Jun 19, 2026

us-iran war update

अमेरिका-ईरान समझौते पर पूर्व राष्ट्रीय सलाहकार बोल्टन ने उठाए सवाल (Photo-IANS)

John Bolton on US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है। इस पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सलाहकार जॉन बोल्टन की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने इस समझौते की आलोचना की है। बोल्टन ने कहा कि यह समझौता उन पुरानी गलतियों को दोहरा रहा है, जो पहले ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े समझौतों में देखने को मिली थीं।

बोल्टन ने कहा कि इस समझौते के जरिए ईरान को आर्थिक और रणनीतिक स्तर पर बड़े फायदे मिल रहे हैं। पूर्व राष्ट्रीय सलाहकार ने कहा कि समझौते में ईरान को समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने या अन्य शर्तें लागू करने से नहीं रोका गया है। बोल्टन ने कहा कि यह समझौता होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने के ट्रंप के मकसद को पूरा नहीं करता। अगर ईरान टोल वसूली या अन्य प्रतिबंध लगाने की कोशिश करता है, तो यह सौदा विफल साबित हो सकता है।

युद्ध से बाहर निकलना चाहते थे ट्रंप

बोल्टन के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्राथमिक चिंता अमेरिका में पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ने वाला असर था। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप युद्ध से जल्द बाहर निकलना चाहते थे और तेल की कीमतें कम करने के लिए उन्होंने ईरान को जरूरत से ज्यादा रियायतें दे दीं।

ईरान को मिलेगा लाभ

पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने दावा किया कि समझौते के तहत ईरान को प्रतिबंधों में राहत और आर्थिक लाभ मिलेंगे, जबकि अमेरिका की सैन्य तैनाती और इजरायल की कार्रवाई की स्वतंत्रता पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यह समझौता ईरानी शासन की उम्मीदों से भी ज्यादा लाभ देने वाला है।

2015 के परमाणु समझौते का दिया हवाला

बोल्टन ने 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) का हवाला देते हुए कहा कि ईरान पहले भी आर्थिक लाभ हासिल कर चुका है, लेकिन उसने अपने परमाणु कार्यक्रम पर दीर्घकालिक प्रतिबंधों का पालन नहीं किया। उनका आरोप है कि ईरान और उत्तर कोरिया जैसे देश पहले आर्थिक फायदे ले लेते हैं और बाद में परमाणु प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करते।

ईरान के दावे पर जताया संदेह

ईरान के इस दावे पर कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा इस पर बोल्टन ने गहरा संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि ईरान यह कहने में खुश है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, लेकिन वह इस बारे में झूठ बोल रहा है।

बता दें कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस समझौते का बचाव करते हुए कहा है कि इससे होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात बहाल हुआ है, तेल और पेट्रोल की कीमतों में कमी आई है और ईरान के साथ व्यापक समझौते की दिशा में रास्ता खुला है।