
मोहम्मद बाघेर गालिबफ (File Photo)
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच महीनों के युद्ध के बाद अब शांति समझौता (Iran-US Peace Deal) हो गया है। इस शांति समझौते के साथ ही दोनों देशों के बीच युद्ध का स्थायी अंत हो गया है और साथ ही डिप्लोमैटिक संबंधों में सुधार की भी उम्मीद जाग उठी है। हालांकि इस शांति समझौता के उल्लंघन की भी आशंका बनी हुई है। ऐसे में ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने भी अमेरिका को चेतावनी दे दी है।
गालिबफ ने अमेरिका को चेतावनी दे दी है कि अगर अमेरिका ने शांति समझौते का उल्लंघन किया, तो ईरान बर्दाश्त नहीं करेगा। गालिबफ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "हम आपके आदेश का पालन करने के लिए तैयार हैं। सुप्रीम लीडर द्वारा हमें सौंपा गया काम शांति समझौते की शर्तों और प्रावधानों को पूरा करना है। लेकिन अगर दुश्मन ने कुछ भी गलत काम किया, शांति समझौते का उल्लंघन किया और ज़्यादा मांगें की, तो उस स्थिति में हम दुश्मन को करारा जवाब देने में बिल्कुल भी संकोच नहीं करेंगे। युद्ध के दौरान उन्हें एक बार करारा वार झेलना पड़ा था। अगर वो दोबारा वही राह अपनाना चाहते हैं, तो उन्हें इससे भी कड़ा वार झेलना पड़ेगा।"
अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) अब पूरी तरह खुल गया है। साथ ही अमेरिका ने भी इस रणनीतिक जलमार्ग से और ईरानी पोर्ट्स से अपनी नेवी की नाकेबंदी हटा दी है। इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। मरीन-ट्रैफिक ट्रैकर ने दोनों देशों के बीच हुए शांति समझौते से पहले और बाद का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि शांति समझौते से पहले और बाद में इस जलमार्ग से गुज़र रहे जहाजों की संख्या में काफी अंतर है। होर्मुज स्ट्रेट के खुलने की वजह से दुनियाभर में फैला तेल-गैस का संकट भी जल्द दूर होने की उम्मीद है।
Published on:
19 Jun 2026 06:40 am
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