
interview Questions: रोजमर्रा के जीवन में हमारे साथ कई घटनाएं ऐसी घटती हैं, जो हमें यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि यह कैसे हुआ? इनके पीछे छिपा होता है विज्ञान। जानें कुछ ऐसे ही खास सवालों के जवाब-
प्रश्न (1) - लोहे पर जंग कैसे लगता है?
लोहे के चाकू, हथौड़े, पेचकस या किसी अन्य औजार को किसी नमी वाले स्थान में कुछ दिन रख दिया जाए तो इन चीजों पर कत्थई रंग की एक परत सी जम जाती है। इसी को जंग कहते हैं। जंग वास्तव में लोहे का ऑक्साइड है। जब लोहे का परमाणु ऑक्सीजन से संयोग करता है तो लोहे का ऑक्साइड बनता है। लोहे के परमाणुओं का ऑक्सीजन से मिलना ऑक्सीकरण की क्रिया कहलाती है। लोहे पर जंग लगने के लिए ऑक्सीजन और नमी का होना अत्यंत आवश्यक है। सूखे स्थान पर लोहा ऑक्सीजन से संयोग नहीं करता।
नमी और ऑक्सीजन की उपस्थिति में ही लोहे के परमाणु धीरे-धीरे ऑक्सीजन से मिलकर लोहे का ऑक्साइड बनाते रहते हैं और जंग लगने की क्रिया जारी रहती है। जब लोहे की किसी वस्तु पर जंग लगना शुरू हो जाता है तो धीरे-धीरे उस वस्तु पर फैल जाता है। जंग पानी को सोखता है और यह पानी उस वस्तु के दूसरे हिस्सों के परमाणुओं को ऑक्साइड बनने में मदद करता है। जंग लगने को रोकना वैज्ञानिकों के लिए एक गंभीर समस्या रही है क्योंकि लोहे की बनी मशीनें, रेलगाडिय़ां, मोटरसाइकिल, जहाज आदि हजारों चीजें जंग लगने के कारण जल्दी खराब हो जाती हैं।
प्रश्न (2) - सूर्य का रंग लाल क्यों दिखाई देता है?
पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमते हुए सूर्य की परिक्रमा करती है। पृथ्वी का जो भाग सूर्य के सामने होता है वहां दिन होता है और जहां सूर्य की रोशनी नहीं पहुंच पाती वहां रात होती है। सुबह और शाम सूर्य क्षितिज के पास होता है। उस समय सूर्य के प्रकाश द्वारा वायुमंडल में तय की गई दूरी दोपहर में तय की गई दूरी से 50 गुना अधिक होती है। इसके साथ ही वायुमंडल में छिपे धूल और धुएं के कण हरे, नीले और बैगनी रंग के प्रकाश को फैलाते हैं और हमारी आंखें इन रंगों को बहुत कम देख पाती हैं। हमारी आंखें सूर्य के केवल लाल, नारंगी और पीले रंग के प्रकाश को ही देख पाती हैं।
प्रश्न (3) - बरसने वाले बादल काले क्यों दिखाई देते हैं?
जब किसी वस्तु पर सूर्य का प्रकाश पड़ता है तो उसका कुछ भाग परावर्तित हो जाता है और कुछ वस्तु द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है। चमकीली वस्तुएं अक्सर अपने ऊपर पडऩे वाले प्रकाश को परावर्तित करती हैं। यदि कोई वस्तु उस पर पडऩे वाले प्रकाश को पूरी तरह अवशोषित कर लेती है तो वह काले रंग की दिखाई देती है। वास्तव में काला रंग कोई रंग नहीं है। प्रकाश के सात रंग जब किसी वस्तु द्वारा अवशोषित कर लिए जाते हैं तो उस वस्तु का रंग काला दिखाई देता है।