सीबीएसई ओपन बुक परीक्षा के कॉन्सेप्ट पर विचार कर रही है। बोर्ड ने इस साल के अंत में कक्षा 9-12वीं तक के सभी छात्रों के लिए ओपन बुक परीक्षा कराने की बात कही है। इसी के साथ बहुत से लोगों के मन में ये सवाल बन रहे हैं कि आखिर ये ओपन बुक परीक्षा क्या है। आइए, विस्तार से जानते हैं-
CBSE Open Book Exams: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) इन दिनों अपने एक बयान के कारण चर्चा में है। सीबीएसई ओपन बुक परीक्षा के कॉन्सेप्ट पर विचार कर रही है। बोर्ड ने इस साल के अंत में कक्षा 9-12वीं तक के सभी छात्रों के लिए ओपन बुक परीक्षा कराने की बात कही है। इसी के साथ बहुत से लोगों के मन में ये सवाल बन रहे हैं कि आखिर ये ओपन बुक परीक्षा क्या है। आइए, विस्तार से जानते हैं-
ओपन बुक परीक्षा, एक ऐसी परीक्षा है जिसमें छात्रों को किताब खोलकर परीक्षा देनी होती है। इस तरह की परीक्षा के दौरान छात्रों को सभी तरह के नोट्स, पाठ्यपुस्तकें या अन्य तरह की सामग्री ले जाने की अनुमति रहती है। इस परीक्षा में छात्रों का ज्ञान नहीं देखा जाता है, बल्कि उनके विषयों की समझ का मूल्यांकन किया जाता है। ओपन बुक परीक्षा दो तरह की होती हैं।
पहला है ऑफलाइन ओपन बुक एग्जाम। इसमें छात्रों को स्कूल व कॉलेज बुलाया जाता है। यहां पर वो किताब खोलकर परीक्षा देते हैं।
वहीं ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम में छात्र घर पर बैठकर ही कंप्यूटर के माध्यम से परीक्षा देते हैं। कोरोनाकाल (COVID-19) के दौरान, भारत में ऑनलाइन Open Book Exam लोकप्रिय रहा।
इस परीक्षा के नाम से प्रतीत होता है कि आप इस परीक्षा में आराम से नकल कर सकते हैं। यही कारण है कि कई लोग इस तरह की परीक्षाओं का विरोध करते हैं। लेकिन, ऐसा बिल्कुल नहीं है। ओपन बुक परीक्षाओं में प्रश्नों का पैर्टन अलग होता है। सवाल विश्लेषण के आधार पर बनाए जाते हैं, जिससे नकल करने की गुंजाइश कम रहती है। हालांकि, कुछ जानकार इस तरह की परीक्षा का विरोध करते हैं। उनका मानना है कि परीक्षा का उद्देश्य है छात्रों की याददाश्त को जांचना। लेकिन ओपन बुक परीक्षा में ऐसा मुमकिन नहीं हो पाता है।