
यूपीएससी की ओर से सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट की परीक्षा का आयोजन दो चरणों में किया गया है। इस परीक्षा की पहली पारी में सामान्य अध्ययन एवं बुद्धिमत्ता के 125 प्रश्न दिए गए थे। प्रत्येक प्रश्न 2 अंकों का था। इस परीक्षा में गलत उत्तर देने पर निगेटिव मार्किंग का प्रावधान भी किया गया है।
इसमें इतिहास से 18, इकोनॉमिक्स से 6, पॉलिटी से 17, साइंस से 20, ज्योग्राफी से 15, करंट अफेयर से 22 और मैथ से 20 प्रश्न थे। सभी प्रश्न अवधारणा पर आधारित पूछे गए थे। विशेषज्ञों के अनुसार एनसीईआरटी तथा समसामयिक का गहन अध्ययन जिन्होंने किया होगा उनकी परीक्षा अच्छी गई होगी। इतिहास और अर्थव्यवस्था के प्रश्न थोड़े कठिन थे जबकि विज्ञान एवं अन्य विषय समान स्तर के पूछे गए।
दोनों पारी के प्रश्नपत्र स्तरीय रहे
इस परीक्षा की दूसरी पारी में डिस्ट्रक्टिव पेपर था। इसमें कुल 6 प्रश्न थे, सभी प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य था। हर प्रश्न का उत्तर 300 शब्दों में देना था। दूसरे पेपर में राजनीति, अर्थव्यवस्था से संबंधित निबंध के प्रश्न थे। सेकंड पेपर में ही पैसेज से संबंधित प्रश्न पूछे गए थे। वहीं, एसे में धार्मिक कट्टरता, कृषि संबंधी, छूट आर्थिक विकास आरक्षण नॉन परफॉर्मिंग पार्लियामेंट तथा शिक्षा से संबंधित टॉपिक पूछे गए थे। दूसरे पेपर में ऑर्ग्यूमेंट्स से फॉर एंड एजेंट्स के प्रश्न पूछे गए थे। जैसे कि प्राइवेसी इज इन एलिटिस्ट आइडिया। नोट बैन इफेक्टिव टूल ऑफ ब्लैक मनी आदि सवाल पूछे गए थे। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों पारी की परीक्षा में प्रश्न पत्र काफी स्तरीय थे ऐसे में 60-65 प्रतिशत अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जा सकता है।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी और आईआईटी में हजारों पद खाली पड़े हैं
देशभर की सेंट्रल यूनिवर्सिटी और आईआईटी में हजारों पद खाली पड़े हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि चुनावी साल होने की वजह से इन विभागों में भर्तियां निकाली जा सकती हैं। इस समय देश भर की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में फैकल्टी मेंबर्स के 5,606 पद खाली पड़े हैं। केंद्र के मुताबिक आईआईटी में भी 2,806 पद खाली हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाॅजी और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी में 1870 व आईआईएम में 258 पद खाली हैं।