
सर्व आदिवासी समाज द्वारा डौंडीलोहारा ब्लॉक के ग्राम तुएगोंदी में देवजातरा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इस आयोजन में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान तुएगोंदी में जय सेवा, जय जोहार का उद्घोष चलता रहा। इधर आयोजन को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया और पूरे क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। सुबह से ही जतरा स्थल पर श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही बनी रही। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार धार्मिक गतिविधियां संचालित होती रहीं और समाजजन इसे अपनी सांस्कृतिक पहचान व पुरखा परंपरा से जोड़कर देख रहे हैं। आयोजन के दौरान आंगा देव के आगमन की जानकारी भी सामने आई, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह का वातावरण देखा गया।
सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश सचिव विनोद नागवंशी ने कहा कि यह देव जातरा बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि पाटेश्वर धाम में अवैध निर्माण हुआ है। उस पर कार्रवाई ढिलाई है। हमारी कई महत्वपूर्ण मांगों पर भी ध्यान नहीं दिया क्योंकि जलगहना को कब्जा किया। जामड़ीपाठ में पूजा करने नहीं दिया जा रहा था। उन्होंने आगे बताया बीते दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात किया गया तो उन्होंने भी कहा है कि अगर वहां अवैध निर्माण हैं तो उसे तोड़ा जाए। यह जातरा महत्वपूर्ण निर्णय प्रदेश में लाएगा।
दरअसल सर्व आदिवासी समाज ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टरेट का घेराव किया था। उनकी प्रमुख मांग पाटेश्वरधाम में अवैध अतिक्रमण को हटाने की थी। वहीं आदिवासी समाज ने प्रशासन को साफ चेतावानी दी थी कि अगर अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं हुई तो 20 जून को सर्वआदिवासी समाज अपने हिसाब से काम करेगा। तुएगोंदी में ही पाटेश्वरधाम है और तुएगोंदी में ही आदिवासी समाज ने देव जातरा का आयोजन किया। हालांकि प्रशासन को डर था कि कहीं आदिवासी समाज उग्र न हो जाए। इसके लिए लगभग एक हजार के करीब पुलिस बल तैनात किए गए थे। हालांकि आदिवासी समाज ने शांतिपूर्ण तरिके से देवजातरा का आयोजन किया।
जातरा के दौरान जब श्रद्धालु डांग-डोरी और अंगा देव भी आए हुए थे और पाठबाबा की पूजा की गई। हालांकि श्रद्धालु जंगल के रास्ते जामड़ी पाट की ओर बढ़ रहे थे। उसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी। हालांकि कुछ देर बाद सब सामान्य हो गया।