लेकिन लगभग 6 लाख मजदूरों के पास आधार (aadhar card ) या UAN नंबर न होने की वजह से उनका पीएफ भी अटक सकता है।
नई दिल्ली: लॉकडाउन की वजह से ऐसे लोग जिनकी नौकरी छूट चुकी है उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है क्योंकि वो न तो वर्क फ्राम होम ( WORK FROM HOME ) कर सकते हैं और न ही अगले महीने की सैलेरी का इंतजार। ऐसे लोगों का प्रोविडेंट फंड इस वक्त उनका सबसे बड़ा सहारा है। शायद इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने लोगों को पीएफ अकाउंट से 75 फीसदी तक निकालने की इजाजत दी है। लेकिन लगभग 6 लाख मजदूरों के पास आधार (aadhar card ) या UAN नंबर न होने की वजह से उनका पीएफ भी अटक गया है यानि पैसा होने के बावजूद वो अपने बुरे वक्त में इसे निकाल नहीं सकते। आशंका जताई कि मजदूरों को इस कागजी समस्या के चलते अपनी ही जमा पूंजी देने से इनकार किया जा सकता है।
मजदूरों को इस समस्या से निदात दिलाने के लिए स्टाफिंग फेडरेशन ने कमिश्नर से आधार और अकाउंट को लिंक करने में थोड़ी सी रियायत मांगी है ताकि इन मजदूरों को इस मुसीबत के समय में थोड़ी राहत मिल सके।
आपको बता दें कि वित्त मंत्री के ऐलान के बाद श्रम मंत्रालय ने शनिवार को नोटिफिकेशन जारी कर एंप्लायीज प्रॉविडेंट फंड में संशोधन की बात करते हुए कर्मचारियों को 75 फीसदी रकम निकालने की आजादी दे दी है। लेकिन कागजों क अभाव में लाकों मजदूरों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।