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आयकर विभाग से नोटिस मिलने पर घबराएं नहीं, करें ये उपाय

सरकार ने वैसे बचत खातों के बारे में बैंकों से जानकारी मांगी है, जिनमें 8 नवंबर के बाद 2.5 लाख रुपए और चालू खातों में 12.5 लाख रुपए जमा हुए हैं।

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Jan 02, 2017
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नई दिल्ली. सरकार ने वैसे बचत खातों के बारे में बैंकों से जानकारी मांगी है, जिनमें 8 नवंबर के बाद 2.5 लाख रुपए और चालू खातों में 12.5 लाख रुपए जमा हुए हैं। सरकार की इस पहल को कालेधन जमा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में आयकर विभाग लाखों लोगों के अकाउंट में जमा बड़ी रकम को लेकर नोटिस भेज सकता है। मीडिया खबरों के मुताबिक कुछ लोगों को नोटिस भेजा भी जा चुके है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग आयकर विभाग की इस कार्रवाई से खौफजदा हैं। इस संबंध में हमारी ये सलाह आपके काम आ सकती हैं...

जानें, किस तरह का है नोटिस

नोटिस मिलने पर घबराएं नहीं। सबसे पहले पता करें कि जो नोटिस मिला है, वह किस तरह का है। आयकर विभाग से मिला नोटिस आपसे कुछ विशिष्ट जानकारी के लिए भी हो सकता है। आयकर विभाग के पास अधिकार है कि वह कालेधन को लेकर कभी भी आपको नोटिस जारी कर सकता है। आप नोटिस का जवाब ई-मेल या हार्ड कॉपी भेजकर दे सकते हैं। अगर आप विदेशी संपत्ति की जानकारी देते हैं तो आपको पिछले 16 साल का रिकॉर्ड मेनटेन करना चाहिए। इसी तरह एक लाख से अधिक की घरेलू आय के लिए आपको पिछलेे छह साल का रिकॉर्ड मेनटेन रखना होगा।

नोटिस मिलने पर क्या करें

जवाब तय समय में दें

आयकर विभाग से मिले नोटिस का जवाब तय समय के अंदर देने की कोशिश करें। आमतौर पर नोटिस का जवाब देने के लिए 7 से 15 दिन का समय दिया जाता है।

आय के स्रोतों का दस्तावेज रखें

आयकर विभाग के नोटिस के जवाब में आय के स्रोतों के दस्तावेज जरूर संलग्न करें। आपको आयकर विभाग को वित्त वर्षों के दौरान फाइल इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी भी देनी पड़ सकती है। अपनी पर्सनल और कंपनी बुक हमेशा अपडेट करके रखें।

पेशेवर मदद लें

उच्च मूल्य के लेनदेन को लेकर नोटिस मिलने पर जल्‍दबाजी में कदम न उठाएं। नोटिस को समझने और उसका सही-सही जवाब देने के लिए किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स जानकार की मदद लें।

टैक्स छूट के लिए देने होंगे दस्तावेज

अगर आप इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट पाना चाहते हैं तो आपसे पीपीएफ पासबुक, म्युचुअल फंड, होम लोन स्टेटमेंट आदि की कॉपी मांगी जा सकती है। प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन होने पर सेल डीड की कॉपी भी संभाल कर रखें। हमेशा अपने बैंक के एक साल का स्टेटमेंट जरूर संभालकर रखें।

Published on:
02 Jan 2017 10:36 pm
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