
SSY में 15 साल तक निवेश करना होता है। (PC: AI)
Sukanya Samriddhi Yojana: अधिकतर पेरेंट्स को यह चिंता खाए रहती है कि उनके बच्चों की हायर एजुकेशन और शादी के लिए पैसा कहां से आएगा। अगर गर्ल चाइल्ड की बात करें, तो इसके लिए सरकार की एक काफी लोकप्रिय स्कीम है। यह स्कीम सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) है। इस स्कीम में छोटा-छोटा निवेश करके आप अपनी बेटी की हायर एजुकेशन और शादी के लिए बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।
अगर बेटी के जन्म के बाद समय रहते निवेश शुरू कर दिया जाए, तो पढ़ाई और शादी जैसे बड़े खर्चों के लिए लाखों रुपये का फंड तैयार किया जा सकता है। खास बात यह है कि इस स्कीम में मिलने वाला ब्याज कई अन्य सुरक्षित निवेश योजनाओं से ज्यादा है और टैक्स छूट का फायदा भी मिलता है।
बेटी के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना आज भी देश की सबसे लोकप्रिय सरकारी योजनाओं में गिनी जाती है। सरकार की इस स्मॉल सेविंग स्कीम में फिलहाल 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है, जो सालाना आधार पर कंपाउंड होता है। यही वजह है कि लंबे समय में छोटी-छोटी बचत भी बड़ा फंड बना सकती है।
इस योजना में 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर खाता खोला जा सकता है। खाते में निवेश 15 साल तक करना होता है, जबकि मैच्योरिटी 21 साल बाद मिलती है। यानी निवेश बंद होने के बाद भी अगले 6 साल तक जमा रकम पर ब्याज मिलता रहता है। योजना में एक वित्त वर्ष के दौरान न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं।
अगर कोई अभिभावक हर साल 50,000 रुपये जमा करता है और यह सिलसिला 15 साल तक जारी रखता है, तो कुल निवेश 7.5 लाख रुपये होगा। मौजूदा 8.2 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से 21 साल बाद मैच्योरिटी पर यह रकम बढ़कर करीब 23.94 लाख रुपये हो सकती है।
अगर सुकन्या समृद्धि योजना में हर साल 1 लाख रुपये जमा किए जाएं, तो 15 साल में कुल निवेश 15 लाख रुपये हो जाएगा। मौजूदा ब्याज दर के आधार पर 21 साल बाद मैच्योरिटी राशि करीब 47 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।
सुकन्या समृद्धि योजना में एक साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये ही जमा किए जा सकते हैं। यदि कोई निवेशक 15 साल तक हर साल 1.5 लाख रुपये जमा करता है, तो कुल निवेश 22.5 लाख रुपये होगा। मौजूदा 8.2 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से 21 साल बाद यह रकम करीब 71 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। यानी SSY में निवेश से अधिकतम 71 लाख रुपये का फंड तैयार किया जा सकता है।
सुकन्या समृद्धि योजना स्कीम ट्रिपल ई स्टेटस के साथ आती है। इसका मतलब है कि इसमें किया गया निवेश टैक्स फ्री होता है। निवेश पर मिलने वाले ब्याज पर भी कोई टैक्स नहीं लगता है। वहीं, मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी टैक्स फ्री होती है। इस योजना में निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है।
सुकन्या समृद्धि खाता खोलने के लिए अभिभावक का आधार कार्ड जरूरी होता है। यदि आधार नंबर उपलब्ध नहीं है, तो आधार नामांकन संख्या का प्रमाण देकर खाता खोला जा सकता है। हालांकि, खाता खुलने के छह महीने के भीतर आधार को खाते से लिंक कराना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर खाता अस्थायी रूप से निष्क्रिय हो सकता है।
आम तौर पर एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के नाम पर सुकन्या समृद्धि खाते खोले जा सकते हैं। हालांकि, जुड़वां या तीन बेटियों के एक साथ जन्म लेने जैसी विशेष परिस्थितियों में दो से अधिक खाते खोलने की अनुमति मिल सकती है। इसके लिए अभिभावक को शपथ पत्र और जन्म प्रमाण पत्र जमा करने होते हैं।
Published on:
30 May 2026 03:54 pm
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