
पीपीएफ से बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। (PC: AI)
PPF Interest Rate: रिटायरमेंट की तैयारी जितनी जल्दी शुरू की जाए, उतना अच्छा माना जाता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि करोड़ों रुपये का फंड बनाने के लिए शेयर बाजार में बड़ा जोखिम लेना पड़ेगा। लेकिन हकीकत यह है कि एक सरकारी योजना भी आपको लंबी अवधि में करोड़पति बना सकती है। हम बात कर रहे हैं पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF की। यह ऐसी बचत योजना है जिस पर सरकार की गारंटी होती है और इसमें मिलने वाला रिटर्न भी टैक्स-फ्री रहता है। यही वजह है कि नौकरीपेशा लोगों और सुरक्षित निवेश पसंद करने वालों के बीच यह आज भी बेहद लोकप्रिय है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम में इस समय 7.1 फीसदी सालाना ब्याज दर मिल रही है। पीपीएफ स्मॉल सेविंग स्कीम्स के अंदर आता है। सरकार हर तीन महीने में इस योजना के लिए ब्याज दर तय करती है। इस स्कीम में केवल सिंगल अकाउंट ही खुलवा सकते हैं। पीपीएफ में जॉइंट अकाउंट खुलवाने का प्रावधान नहीं है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड में एक वित्त वर्ष में न्यूनतम 500 रुपये इन्वेस्ट कर सकते हैं। वहीं, एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1,50,000 रुपये ही निवेश किये जा सकते हैं। आप यह रकम एकमुश्त या किश्तों में कैसे भी जमा करा सकते हैं। अगर आप अधिकतम रकम 1,50,000 रुपये को 12 समान किश्तों में जमा करना चाहते हैं, तो हर महीने 12,500 रुपये जमा करने होंगे।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड की मैच्योरिटी अवधि 15 साल होती है। हालांकि, आप हर 5 साल के ब्लॉक में इस मैच्योरिटी अवधि को आगे बढ़ा सकते हैं। आप चाहें तो 15 साल की मैच्योरिटी के बाद बिना योगदान के भी मैच्योरिटी अवधि को आगे बढ़ा सकते हैं। ऐसे में आपको ब्याज आय होती रहेगी।
अगर आप 30 साल की उम्र में पीपीएफ खाता खुलवाते हैं, तो 60 साल की उम्र में रिटायरमेंट के समय आपके पास 1.54 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र से PPF में हर साल 1.5 लाख रुपये यानी 12,500 रुपये महीना निवेश करना शुरू करे और 60 साल की उम्र तक निवेश जारी रखे, तो उसके पास करीब 1.54 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट कॉर्पस तैयार हो जाएगा। इस फंड में कुल निवेश केवल 45 लाख रुपये होगा। जबकि बाकी 1.09 करोड़ रुपये ब्याज आय होगी। यह कैलकुलेशन इस आधार पर की गई है कि पूरे निवेश काल के दौरान PPF की ब्याज दर 7.1 फीसदी बनी रहती है।
30 साल की उम्र में निवेश शुरू करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपके पैसे को बढ़ने के लिए लंबा समय मिलता है। हर साल मिलने वाला ब्याज भी आगे चलकर ब्याज कमाने लगता है। इसी प्रक्रिया को कंपाउंडिंग कहा जाता है। मान लीजिए कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है। ऐसे में उसके पास निवेश के लिए 10 साल कम रह जाएंगे और अंतिम फंड में बड़ा अंतर आ सकता है। यानी समय निकल जाने के बाद पछताने से बेहतर है कि निवेश जल्दी शुरू किया जाए।
टैक्स बचाने वालों के लिए भी पीपीएफ काफी अच्छा विकल्प है। PPF को EEE यानी Exempt-Exempt-Exempt कैटेगरी का निवेश माना जाता है। यानी इस स्कीम में किया गया निवेश, ब्याज आय और मैच्योरिटी की रकम सभी टैक्स फ्री होते हैं।
Published on:
29 May 2026 04:48 pm
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