
Crude Oil की कीमत में भारी गिरावट आई है। (PC: Freepik)
Brent CrudePrice: अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही पीस डील हो सकती है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देश सीजफायर को आगे बढ़ाने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर सहमत हुए हैं। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने अभी इस एग्रीमेंट पर साइन नहीं किये हैं। इस खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतें गिर गई हैं। बेंट क्रूड की कीमत आज 1.82 फीसदी गिरकर 92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत में मई महीने में अब तक लगभग 19 फीसदी गिरावट आ चुकी है।
सिर्फ मासिक आंकड़े ही नहीं, साप्ताहिक आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। इस हफ्ते ब्रेंट क्रूड में 10.5 फीसदी और WTI क्रूड में 9.2 फीसदी की गिरावट आई है। यह दोनों अप्रैल 2020 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट हैं। वहीं, बात करें घरेलू बाजार में, तो MCX क्रूड ऑयल पिछले 8 में से 7 ट्रेडिंग सेशन में गिरा है और इस दौरान करीब 17 फीसदी टूट चुका है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर चल रही नाकाबंदी हट सकती है। हालांकि, इस मामले में अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि ईरान के साथ कोई औपचारिक डील होगी या नहीं।
शांति वार्ता की उम्मीदों के बावजूद तेल की आपूर्ति में लंबे समय तक बाधा बनी रह सकती है। क्योंकि तेल शिपिंग लाइन से बारूदी सुरंगें हटाना, बंद पड़े तेल कुओं को दोबारा शुरू करना, एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले से हुए नुकसान की मरम्मत करने जैसी कई समस्याएं लंबे समय तक तेल की आपूर्ति को बाधित करेंगी। इसी वजह से बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट तो आ सकती है, लेकिन आपूर्ति को लेकर अभी भी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च हेड वंदना भारती का कहना है कि ब्रेंट क्रूड की इस महीने करीब 19 फीसदी की गिरावट मुख्य रूप से जिओपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम की तेज अनवाइंडिंग से आई है। यानी युद्ध की आशंका तेजी से कम हुई है, जिसके चलते तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है।
वंदना भारती के अनुसार, अगर औपचारिक सीजफायर डील होती है, तो ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर से नीचे जा सकता है और 80-82 डॉलर के करीब सपोर्ट मिल सकता है। घरेलू बाजार में MCX क्रूड 8200 रुपये के सपोर्ट से नीचे जाकर 7500 रुपये के मेजर बेस की ओर जा सकता है।
हालांकि, मार्केट फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत हैं। मार्च और अप्रैल में ग्लोबल इन्वेंटरी (दुनियाभर के तेल के स्टॉक) में लगातार कई मिलियन बैरल की कमी आई है। इसके साथ ही पीक समर ड्राइविंग सीजन से पहले दूसरी तिमाही में सप्लाई में कमी का अनुमान है। ये दोनों कारण तेल की कीमतों को और गिरने से रोकेंगे।
Updated on:
29 May 2026 05:14 pm
Published on:
29 May 2026 05:14 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
