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Vedanta का शेयर ऑल टाइम हाई पर पहुंचा, कंपनी को मिली 2014 के बाद की सबसे मजबूत क्रेडिट रेटिंग

Vedanta Stock Today: रेटिंग एजेंसी ICRA ने वेदांता ग्रुप की प्रमुख कंपनियों को AA+ रेटिंग दी है, जो 2014 के बाद सबसे ऊंची है। इसके बाद शेयर एक फीसदी से ज्यादा उछलकर रिकॉर्ड हाई 360.70 रुपये पर पहुंच गया।

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Vedanta stock

ICRA ने Vedanta की रेटिंग अपग्रेड की है। (PC:AI)

Vedanta Group की प्रमुख कंपनियों की रेटिंग अपग्रेड हो गई है। रेटिंग एजेंसी ICRA ने ग्रुप की प्रमुख कंपनियों की लॉन्ग-टर्म रेटिंग AA+ स्टेबल आउटलुक के साथ अपग्रेड कर दी। यह वेदांता की साल 2014 के बाद की सबसे मजबूत घरेलू क्रेडिट प्रोफाइल है। इस खबर के आते ही शेयर बाजार में वेदांता के शेयर 52 हफ्तों के उच्च स्तर पर पहुंच गए।

कंसोलिडेशन रेंज से बाहर निकला शेयर

BSE पर वेदांता का शेयर इंट्राडे में 360.70 रुपये प्रति शेयर तक पहुंचा। यह इस शेयर का 52 वीक हाई लेवल है। जबकि इंट्राडे लो 353.40 रुपये रहा। क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड की खबर बाजार में पॉजिटिव सेंटीमेंट लेकर आई है। एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के अनुसार, वेदांता 321 से 341 रुपये की कंसोलिडेशन रेंज से बाहर निकल गया है और अब ऊपर की ओर ट्रेड कर रहा है।

कहां तक जा सकता है स्टॉक

शाह के मुताबिक, बढ़ते ADX इंडिकेटर से पता चलता है कि शेयर मजबूत दिखाई दे रहा है। उन्होंने आगे बताया कि वेदांता पूरे बाजार से बेहतर परफॉर्म कर रहा है, जो बढ़ते वेदांता/निफ्टी रेश्यो चार्ट से पता चलता है। शाह के अनुसार, जब तक स्टॉक 340 से 335 रुपये के सपोर्ट जोन से ऊपर बना रहता है, तब तक इसके तेजी के ट्रेंड को बरकरार रखने की संभावना है।

किन कपंनियों को क्या रेटिंग मिली

ICRA, जो मूडीज की सहयोगी एजेंसी है, ने वेदांता लैंड और वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड यानी VAML की रेटिंग AA+ स्टेबल कर दी। इसके अलावा तलवंडी साबो पावर लिमिटेड यानी TSPL की रेटिंग A+ वॉच डेवलपिंग से बढ़ाकर AA- स्टेबल कर दी गई। रेटिंग एजेंसी ने ग्रुप की शॉर्ट-टर्म रेटिंग को सबसे ऊंचे स्तर A1+ पर बनाए रखा है।

वेदांता ग्रुप के मुताबिक, डीमर्जर फ्रेमवर्क से उभरने वाले दो सबसे बड़े बिजनेस को अब AA+ रेटिंग मिल गई है और ये दोनों मिलकर ग्रुप के कुल लॉन्ग-टर्म कर्ज का 75 फीसदी से ज्यादा हिस्सा कवर करते हैं। डीमर्जर प्रक्रिया 1 मई से प्रभावी हो गई है, जिसके बाद ICRA ने रेटिंग से वॉच स्टेटस हटाकर स्टेबल आउटलुक असाइन किया है।

रेटिंग अपग्रेड का असर क्या होगा

रेटिंग अपग्रेड का सीधा असर कंपनी की कर्ज लेने की क्षमता और उसकी लागत पर पड़ता है। किसी भी कंपनी की क्रेडिट रेटिंग जब ऊंची होती है तो इसका मतलब होता है कि वह कर्ज चुकाने में ज्यादा सक्षम है और उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत है। यही वजह है कि इस खबर के बाद कपंनी के शेयरों में तेजी देखी गई।

ICRA के मुताबिक, वेदांता की औसत ब्याज लागत में FY26 में 200 बेसिस प्वाइंट की कमी आई, जिससे उसकी कर्ज चुकाने की क्षमता काफी मजबूत हुई है। इसके साथ ही प्रमोटर स्तर पर रिफाइनेंसिंग का जोखिम भी कम हुआ है।

रेटिंग में क्यों हुआ इजाफा?

ICRA ने रेटिंग अपग्रेड के पीछे कई कारण गिनाए हैं। इनमें बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी, मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस, बेहतर लिक्विडिटी और फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी शामिल हैं। एजेंसी को FY27 तक वेदांता में पॉजिटिव मोमेंटम जारी रहने की उम्मीद है। इसके पीछे एल्युमीनियम, जिंक और ऑयल एंड गैस सेगमेंट में कमोडिटी की अनुकूल कीमतें, घटती लागत और मजबूत अर्निंग विजिबिलिटी को कारण बताया गया है। ICRA ने यह भी नोट किया कि ग्रुप के कम उधारी लागत, प्रोएक्टिव डेट रिपेमेंट और कर्ज की मेच्योरिटी में विस्तार से रिफाइनेंसिंग प्रोफाइल में सुधार हुआ है।