Personal Finance

बैंकिंग सेक्टर को एनपीए से उबारने के लिए सरकार का बड़ा कदम, वित्त वर्ष-19 तक खर्च हो सकता है 1.06 खरब

गुरुवार को वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी है कि वित्त वर्ष 2019 में सरकार करीब 1.06 खरब रुपए खर्च करेगी।
less than 1 minute read
Money
बैंकिंग सेक्टर को एनपीए से उबारने के लिए सरकार का बड़ा कदम, वित्त-19 तक खर्च हो सकता है 1.06 खरब

नर्इ दिल्ली। बीते कुछ समय से देश के सभी बैंकों का वित्तीय हालात संतोषजनक नहीं रहा है। सरकारी बैंकों पर नजर डालें तो इनकी हालत सबसे अधिक खराब है। अब सरकार बैंकिंग सेक्टर को इस संकट से उबारने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। गुरुवार को वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी है कि वित्त वर्ष 2019 में सरकार करीब 1.06 खरब रुपए खर्च करेगी। इसके ठीक पहले ही सरकार ने संसद से पब्लिक सेक्टर बैंक में 41 हजार करोड़ रुपए के नए फंड की मंजूरी प्राप्त की है। इससे साल पहले सरकार ने 65 हजार करोड़ रुपए का मंजूरी दी है।


बैंकिंग सेक्टर में 2.11 खरब रुपए लगाने का लक्ष्य रखा है

साल 2017 में, मार्च 2019 तक सरकार ने देश के 20 सरकारी बैंकों में 2.11 खरब रुपए लगाने का लक्ष्य रखा था। सरकार ने यह लक्ष्य वैश्विक नियामक की जरूरतों को देखते हुए लिया था। इस रकम में बैंकों द्वारा 58 हजार करोड़ रुपए इकट्टा करना भी सम्मिलित है। बैंकों काे यह राशि वित्तीय बाजार से इकट्ठा करना था। सभी बैंक अभी तक इस लक्ष्य को पूरा करने में असफल रहे हैं।


सरकारी बैंकों को मिलेंगे 41 हजार करोड़ रुपए

गुरुवार को सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 में सेकेंडरी सप्लीमेंट डिमांड के लिए संसद में प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के तहत सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए 41 हजार करोड़ रुपए भी होंगे। ये उन बैंकों के लिए होगा जो फिलहाल एनपीए की बोझ से जूझ रही हैं। इसके लिए सरकार गवर्नमेंट सिक्योरिटी के माध्यम से इन पीएसयू बैंकों को फंड जारी करेगी।

Read the Latest Business News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले Business News in Hindi की ताज़ा खबरें हिंदी में पत्रिका पर।

Updated on:
20 Dec 2018 05:41 pm
Published on:
20 Dec 2018 05:36 pm