
किसान विकास पत्र पोस्ट ऑफिस की स्कीम है। (PC: AI)
Kisan Vikas Patra Calculator: अगर आपके पास एकमुश्त रकम पड़ी है और आप चाहते हैं कि वह डबल हो जाए और निवेश में कोई जोखिम भी न हो, तो आप कहां अपना पैसा लगाएंगे? जाहिर सी बात है कि आप शेयर मार्केट का नाम नहीं लेंगे, क्योंकि वहां अत्यधिक जोखिम होता है और रिटर्न भी निश्चित नहीं रहता। एफडी की तरफ जाएं, तो वहां रिटर्न इतना अच्छा नहीं मिलता। आपके इस सवाल का जवाब पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम्स में मिलता है। पोस्ट ऑफिस की एक ऐसी स्कीम है, जो पैसा डबल करने के लिए ही जानी जाती है। इस स्कीम का नाम किसान विकास पत्र (KVP) है। आइए इसके बार में विस्तार से जानते हैं।
किसान विकास पत्र को भारतीय डाक द्वारा साल 1988 में लॉन्च किया गया था। उस समय यह योजना केवल किसानों के लिए ही थी। बाद में इंडिया पोस्ट ने इस योजना को सभी के लिए खोल दिया। यह सरकार समर्थित स्कीम है। सरकार हर 3 महीने में इस स्कीम की ब्याज दर तय करती है। इस समय इसमें 7.5 फीसदी ब्याज दर ऑफर हो रही है। यह सालाना चक्रवृद्धि ब्याज दर है।
किसान विकास पत्र में कोई भी भारतीय नागरिक इन्वेस्ट कर सकता है। इसमें सिंगल और जॉइंट अकाउंट खुलवाया जा सकता है। इस योजना में न्यूनतम 1000 रुपये इन्वेस्ट कर सकते हैं। वहीं, केवीपी में निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है।
निवेश एवं टैक्स सलाहकार बलवंत जैन के अनुसार, 7.5 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से किसान विकास पत्र 115 महीने में मैच्योर हो जाएगा। यानी 115 महीने में आपकी रकम डबल हो जाएगी। 115 महीने को साल में देखें, तो यह करीब साढ़े 9 साल की अवधि बैठती है। मान लीजिए आपने अपनी पत्नी के साथ मिलकर किसान विकास पत्र में जॉइंट अकाउंट खुलवाया। अब अगर आप दोनों अपनी-अपनी बचत से 6-6 लाख रुपये निकालकर कुल 12 लाख रुपये यहां निवेश करते हैं, तो 115 महीने की अवधि में आपको 24 लाख रुपये मिलेंगे।
स्टेप 1. सबसे पहले आपको पोस्ट ऑफिस या बैंक जाकर किसान विकास पत्र का फॉर्म लेना होगा और उसे भरकर जमा कराना होगा।
स्टेप 2. अब KYC के लिए आपको आईडी और एड्रेस प्रूफ की कॉपी सबमिट करनी होगी।
स्टेप 3. केवाईसी पूरी होने के बाद आपको निवेश की रकम एकमुश्त जमा करानी होगी।
स्टेप 4. अब अगर आप यह निवेश कैश में करते हैं, तो आपको तुरंत केवीपी सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा। यह सर्टिफिकेट आपके पास सुरक्षित रहना चाहिए। मैच्योरिटी के समय आपको इस सर्टिफिकेट को जमा कराना होगा। अगर आप डिमांड ड्राफ्ट या चेक के जरिए निवेश करते हैं, तो आपको कुछ समय बाद केवीपी सर्टिफिकेट मिल जाएगा।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
26 Aug 2026 05:48 pm
Published on:
26 Aug 2026 05:47 pm
