
नई दिल्ली। अक्सर सरकारी बैंक कर्मियों की लापरवाही और मनमानी से लोग परेशान रहते हैं। सरकारी बैंक कर्मी छोटे-छोटे कामों के लिए भी ग्राहकों को घंटो लाइन में खड़ा रखते हैं। कर्मचारी आराम से बातें करने में मगन होते हैं और आम ग्राहकों का मिनटों का काम घंटों में होता है। ग्राहक बैंकों तो बहुत उम्मीद के साथ पहुंचते है, लेकिन कई बार उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। लेकिन अब सरकारी बैंक में मनमाने ढ़ग से काम करने वाले कर्मचारियों की मनमानी नहीं चलेगी क्योंकि अब अब सरकारी बैंकों के अधिकारियों की सैलरी उनके प्रदर्शन के आधार पर निर्धारित की जा सकती है।
सरकारी बैंकों में प्रदर्शन के आधार पर मिलेगी सैलरी
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नैशनल बैंक (pnb) और बैंक ऑफ बड़ोदा जैसे बड़े-बड़े सरकारी बैंक पर्फॉमेंस लिंक्ड सैलरी की तैयारी कर रहे हैं। जी हां अब जैसा सरकारी बैंको के कर्मचारी काम करेंगे वैसी ही उनको सैलरी मिलेंगी। यह नियम अभी तक प्राइवेट सेक्टर में लागू था। प्राइवेट सेक्टर की बैंकों में पर्फॉमेंस लिंक्ड सैलरी होती है। प्रदर्शन के आधार पर इन्सेंटिव न मिलने और निश्चित समय पर ही प्रमोशन होने की वजह से कई कर्मचारियों में उत्साह की कमी देखने को मिलती है तो कई में काफी उत्साह भी देखने को मिलता हैं। ऐसे में कहा तो यहीं जा रहा है की बैंक कर्मचारियों की मनमानी को देखते हुए यह कदम उठाया गया हैं।
जल्द लागू होगी पर्फॉमेंस लिंक्ड सैलरी
कुछ रिपोर्ट के मुताबिक यह नियम जनरल मैनेजर ग्रेड के कर्मचारियों और उनसे ऊपर के कर्मचारियों पर लगाया जाएगा। पीएनबी में पर्फॉमेंस लिंक्ड सैलरी कुछ समय के बाद शुरु होने जा रही हैं। इसी को लेकर पीएनबी के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील मेहता ने कहा, 'बैंक गंभीरता से पर्फॉर्मेंस बेस्ड इन्सेंटिव देने पर विचार कर रहा है। इसमें फिक्स्ड और वैरिएबल पे शामिल होगा। लेकिन यह धीरे-धीरे लागू हो पाएगा।' काफी समय से एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ोदा भी पर्फॉमेंस लिंक्ड सैलरी शुरु करने पर विचार कर रहा हैं। ऐसे में बहुत जल्द एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ोदा भी पर्फॉमेंस लिंक्ड सैलरी लागू कर सकते है।
सरकार से लेनी होगी मंजूरी
सरकारी बैंकों को पर्फॉमेंस लिंक्ड सैलरी यानी की प्रदर्शन के आधार पर सैलरी लागू करने के लिए सबसे पहले सरकार से मंजूरी लेनी होगी। सभी स्तर के कर्मचारियों की सैलरी से जुड़े मामले इंडियन बैंक असोसिएशन, बैंक मैनेजमेंट और ट्रे़ड यूनियन की सहमति के साथ निर्धारित किए जाते हैं।