अगस्त महीने तक के लिए Loan EMI से मिली राहत Repo-Reverse Repo Rate पर बड़ा ऐलान, 0.40 फीसदी की कटौती कारोबारियों को राहत, Export Credit Time 12 महीने से 15 माह किया
नई दिल्ली। शुक्रवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ( Reserve Bank of India Governor Shaktikant Das ) आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक बड़ी राहतों का ऐलान किया है। पहले आम लोगों से शुरूआत करें तो लोन मोराटोरियम ( Loan Moratorium ) के तहत 3 महीने के लिए और राहत मिल गई है। अब अगस्त तक देश के लोगों को किसी तरह की लोन ईएमआई ( Loan EMI ) नहीं चुकानी होंगी। वहीं दूसरी ओर रेपो रेट ( Repo Rate ) में 0.40 फीसदी कटौती कर ईएमआई पर बड़ी राहत का ऐलान किया है। दूसरी ओर बैंकों को भी राहत देते हुए रिवर्स रेपो रेट ( Reverse Repo Rate ) में 3.75 फीसदी की कटौती कर दी है। वहीं कारोबारियों के लिए बड़े ऐलान हुए हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर आरबीआई गवर्नर ( RBI Governor ) की ओर से किस तरह से ऐलान किए गए हैं।
अगस्त तक Loan EMI से राहत
- टर्म लोन पर मोरटोरियम की सुविधा को 3 महीने के लिए और बढ़ाया गया।
- लॉकडाउन बढऩे से मोरोटॉरियम को दूसरी बार बढ़ाया गया है।
- ईएमआई देने पर राहत 1 जून से 31 अगस्त तक के लिए बढ़ाई गई।
- कुल 6 महीने के लिए मोरेटोरियम पीरियड किया गया।
- मोरेटोरियम पीरियड का ब्याज भुगतान 31 मार्च 2021 तक किया जा सकता है।
यह भी पढ़ेंः- क्या Lockdown 4.0 में कम हुए Petrol Diesel Prices, जानिए अपने शहर की कीमतें
Interest Rates में राहत
- रेपो रेट 0.40 फीसदी घटाकर 4 फीसदी कर दिया गया है।
- एमपीसी की बैठक में 6 में से 5 सदस्यों ने ब्याज दरें घटाने के पक्ष में वोट किया।
- होम लोन ( Home Loan ) , कार लोन ( Car Loan ), पर्सनल लोन ( Personal Loan ) आदि पर मिलेगी बड़ी राहत।
- मार्च में भी रेपो रेट में 0.75 फीसदी की कटौती की गई थी।
कारोबारियों को बड़ी राहत
- सिडबी ( SIDBI ) को रकम के इस्तेमाल के लिए एक्सट्रा टाइम मिलेगा।
- सिडबी को 15000 करोड़ रुपए के इस्तेमाल के लिए मिला 90 दिनों का एक्सट्रा टाइम।
- एक्सपोर्ट क्रेडिट समय 12 महीने से बढाकर 15 माह किया गया।
GDP और Inflation पर चिंता
आरबीआई गवर्नर की ओर से कहा गया है कि चालू वित्तीय वर्ष की जीडीपी ग्रोथ रेट नेगेटिव रह सकती है। वहीं उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण देश में महंगाई बढऩे की संभावना है। वैसे उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि देश में अनाजों की आपूर्ति एफसीआई ओर से बढऩी चाहिए। इस साल रबी की फसल अच्छी हुई है। इस बार बेहतर मानसून की उम्मीदें है, जिससे देश में खेती अच्छी होने की संभावना हैै। सरकार और रिजर्व बैंक की ओर से किए गए प्रयास का असर सितंबर के बाद दिखना शुरू हो जाएगा।