आयकर विभाग को होटल और रेस्टोरेंट मालिकों के खिलाफ शिकायत मिली है कि वे ग्राहकों की ओर से मिले सर्विस चार्ज को कर्मचारियों में नहीं बांटते और अगर बांटते भी हैं तो बहुत कम मात्रा में।
नई दिल्ली। आयकर विभाग को होटल और रेस्टोरेंट मालिकों के खिलाफ शिकायत मिली है कि वे ग्राहकों की ओर से मिले सर्विस चार्ज को कर्मचारियों में नहीं बांटते और अगर बांटते भी हैं तो बहुत कम मात्रा में। इसके मद्देनजर अब होटल और रेस्टोरेंट मालिकों के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। होटल मालिकों के लिए अब ग्राहकों की ओर से मिले सर्विस चार्ज को अपने कर्मचारियों में बांटना अनिवार्य होगा नहीं तो वह कर योग्य माना जाएगा।
आयकर विभाग ने जारी किए निर्देश
आयकर विभाग ने अपने फील्ड ऑफिसर को होटल और रेस्टोरेंट के बही खाते की जांच करने को कहा है और जल्द से जल्द ये पता लगाने को कहा है कि वे सर्विस चार्ज के रूप में मिले रुपये को अपने कर्मचारियों में बांट रहें हैं या नहीं। इसके साथ ही विभाग ने ऑफिसर को ये भी पता लगाने के लिए कहा है कि होटल मालिक अपने ग्राहकों से मिले सर्विस चार्ज कर्मचारियों को पूरा दे रहें हैं या नहीं।
आयकर विभाग के मुताबिक, अगर वेटर को सर्विस चार्ज का पैसा नहीं दिया गया, तो होटल मालिक इसे अपनी आमदनी में शामिल करें। ऐसी स्थिति में सर्विस चार्ज का पैसा इनकम टैक्स को देना होगा। बता दें कि सर्विस चार्ज से होने वाली आमदनी को छुपाने वाले होटलों के खिलाफ जांच शुरू हो गई है।
बता दें होटल में ग्राहकों को 10 फीसद सर्विस चार्ज देना पड़ता है। कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय के अनुसार, सर्विस चार्ज वसूलना जरूरी नहीं है लेकिन इसके बावजूद कई होटल सर्विस चार्ज वसूलते हैं।