New labor code: श्रम मंत्रालय ने संसद में श्रम कोड का रखा है प्रस्ताव, संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के कामगारों को होगा लाभ नए श्रम कोड के पारित होने से महिलाओं को वेतन में भी बराबरी का मिलेगा दर्जा
नई दिल्ली। कोरोना काल के दौरान कामकाज के तौर-तरीके काफी बदल गए हैं। इसी बीच श्रम मंत्रालय (labor Ministry) ने संसद में नए श्रम कोड का प्रस्ताव दिया है, जिसके पास होने के बाद से चीजें पहले से ज्यादा व्यवस्थित हो सकेंगी। नए लेबर कोड (New Labor Code) से सबसे ज्यादा फायदा महिला श्रमिकों को होगा। क्योंकि प्रस्ताव के मुताबिक उन्हें खनन (Mining) समेत कई अन्य क्षेत्रों में काम की आजादी मिल सकती है। इतना ही नहीं वेतन के मामले में भी उन्हें पुरुषों के बराबर दर्जा दिए जाने की बात कही गई है।
अभी तक महिला श्रमिकों को खनन और निर्माण जैसे क्षेत्रों में काम करने की अनुमति नहीं थी। इसमें केवल पुरुष श्रमिक ही काम कर सकते हैं। मगर नए श्रम कोड के पारित होने के बाद से महिला श्रमिक इन सभी क्षेत्रों में काम कर सकेंगी। इससे उनके कार्य क्षेत्र का विस्तार होगा। इसके अलावा अभी तक देश में असंगठित क्षेत्रों में पुरुषों के मुकाबले महिला श्रमिकों को कम वेतन दिया जाता था, लेकिन नए श्रम कोड से वेतन में होने वाला भेदभाव भी खत्म होगा। अब पुरुष और महिला श्रमिकों को एक समान वेतन देने का प्रावधान होगा। वेतन सीधे योग्य व्यक्ति को मिले इसलिए डिजिटल भुगतान का प्रावधान होगा, इससे घपलेबाजी की आशंका नहीं रहेगी।
5 साल में बढ़ानी होगी मजदूरी
अक्सर श्रमिकों को उनके काम के अनुसार वेतन नहीं मिल पाता है। जिससे उनकी जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं। जो व्यवस्था वर्षों से चली आ रही है उसी के अनुसार भुगतान किया जाता है। मगर नए श्रम कोड के पारित होने से संगठित और असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिकों की मजदूरी में हर 5 साल में संशोधन किया जाएगा। इससे हर 5 साल में न्यूनतम मजदूरी में संशोधन जरूरी होगा।