
नई दिल्ली। कोरोना काल के दौरान बेरोजगार हुए रेहड़ी-पटरीवालों (Street Vendors) और मजदूरों की दिक्कतों को दूर करने के लिए मोदी सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) की शुरुआत की थी। इसमें उन्हें नया रोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपए तक का बिना गारंटी लोन मुहैया कराए जाने का प्रावधान है। इसी सिलसिले में पीएम मोदी (PM Modi) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के सभी नगर निकायों के लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान उन्होंने करीब 3 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को लोन बांटने का भी ऐलान किया।
इस दौरान पीएम मोदी ने स्वनिधि योजना के लाभार्थियों से बातचीत की। साथ ही योजना के सफल होने पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पहले तो नौकरी वालों को लोन लेने के लिए बैंकों के चक्कर लगाने होते थे, गरीब आदमी तो बैंक के भीतर जाने का भी नहीं सोच सकता था, लेकिन आज बैंक खुद उनके पास आ रहा है। इस कदम के लिए उन्होंने बैंक कर्मियों की भी सराहना की। पीएम मोदी का कहना है कि बैंक कर्मियों ने रात-दिन मेहनत करके इस योजना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
7 लाख लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन
संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत राज्य में अब तक 7 लाख से अधिक पटरी व्यवसायियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। अब तक करीब 3.70 लाख से अधिक लोगों के लोन स्वीकार किए गए हैं। जल्द ही इनके खाते में रकम पहुंच जाएगी। जिससे वे अपना रोजगार शुरू कर सकेंगे।
50 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को मिलेगी मदद
केंद्र सरकार लक्ष्य है कि इस योजना से लगभग 50 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को जोड़ा जाए। इसके लिए उन्हें 10,000 रु तक बिना गारंटी लोन दिया जाएगा। इस लोन की अवधि एक साल है। लोन की सही समय पर अदायगी के मामले में सालाना 7 फीसदी की सब्सिडी भी दी जाती है। इसके अलावा डिजिटल ट्रांजेक्शन करने उन्हें 1200 रु सालाना का कैशबैक भी मिलेगा।
स्कीम का लाभ लेने के लिए करें ये काम
पीएम स्वनिधि योजना का ऐलान सरकार के 20 लाख करोड़ रु के आत्मनिर्भर राहत पैकेज के तहत किया था। इस योजना के लिए 5000 करोड़ रु आवंटित किए गए हैं। इस स्कीम का लाभ सड़क किनारे ठेले लगाने वाले या पटरी पर सामान बेचने वाले, फल-सब्जी, लॉन्ड्री, सैलून और पान की दुकान चलाने वाले आदि लोग ले सकते हैं। इसमें आवेदन करने के लिए सरकार की ओर से लांच की गई वेबसाइट या मोबाइल ऐप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा।