27 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Money Tips: 40 की उम्र के बाद पैसों से जुड़ी इन 5 गलतियों से बचें, निवेश शुरू करने में 10 साल की देरी से होता है करोड़ों का नुकसान

Personal Finance After 40: जल्दी निवेश शुरू करने से कंपाउंडिंग का फायदा ज्यादा मिलता है। लेकिन 40 की उम्र के बाद समय कम बचता है और जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में निवेश में देरी, बढ़ता खर्च या गलत वित्तीय फैसले रिटायरमेंट की योजना को बिगाड़ सकते हैं।
2 min read
Google source verification
5 Money Mistakes In 40s Must Avoid

Retirement की तैयारी कम उम्र से ही शुरु कर देनी चाहिए। (PC :AI)

Retirement Planning: अगर आपकी उम्र 40 साल या उससे ज्यादा है, तो अब पैसों से जुड़ी छोटी-सी गलती भी भविष्य पर भारी पड़ सकती है। इस उम्र में बच्चों की पढ़ाई, होम लोन, माता-पिता की जिम्मेदारी और रिटायरमेंट की तैयारी एक साथ चलती है। ऐसे में सही समय पर निवेश, पर्याप्त बीमा और कर्ज पर नियंत्रण रखने से ही आर्थिक भविष्य सुरक्षित रह सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 40 के बाद सबसे बड़ा लक्ष्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं, बल्कि बनाई गई संपत्ति को सुरक्षित रखना भी होना चाहिए।

30 की उम्र में अगर कोई वित्तीय गलती हो जाए तो उसे सुधारने के लिए काफी समय मिल जाता है। लेकिन 40 की उम्र के बाद समय कम बचता है और जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में निवेश में देरी, बढ़ता खर्च या गलत वित्तीय फैसले रिटायरमेंट की योजना को बिगाड़ सकते हैं।

10 साल की देरी से कितना नुकसान हो सकता है?

अगर कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र से हर महीने 10,000 रुपये की SIP शुरू करता है और 60 साल तक निवेश करता है, तो लगभग 12 फीसदी सालाना रिटर्न पर उसके पास करीब 3.76 करोड़ रुपये का फंड बन सकता है। लेकिन यदि वही निवेश 40 साल की उम्र से शुरू किया जाए तो 60 साल तक करीब 1.03 करोड़ रुपये ही जमा हो पाएंगे। यानी केवल 10 साल की देरी से लगभग 2.7 करोड़ रुपये का अंतर आ सकता है।

40 की उम्र के बाद इन 5 गलतियों से बचें

  1. रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू करने में देरी

अगर रिटायरमेंट प्लानिंग अभी तक शुरु नहीं हुई है, तो हर साल की देरी इसे और मुश्किल बना सकती है। एक तो निवेश से बड़ा फंड नहीं बनेगा और दूसरा इसी समय दूसरी बड़ी जिम्मेदारियां होती हैं।

  1. बचत से ज्यादा बढ़ता लाइफस्टाइल का खर्च

जैसे-जैसे 30 की उम्र में आय बढ़ती है, खर्च भी उसके साथ-साथ बढ़ते जाते हैं। जैसे कि बड़ी कारें, महंगे घर, बार-बार छुट्टियां मनाना और ऐसे खर्च जो धीरे-धीरे बजट का पक्का हिस्सा बन जाते हैं। यानी कि 30 की उम्र के खर्चे 40 की उम्र आते-आते एक आदत बन जाती है, जिससे जरूरत पड़ने पर खर्च कम करना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसलिए बढ़ती आय का एक बड़ा हिस्सा निवेश में लगाना चाहिए।

  1. जरूरी इंश्योरेंस नहीं लेना

40 की उम्र तक हेल्थ इंश्योरेंस और टर्म इंश्योरेंस जरूर लेना चाहिए। उम्र बढ़ने के साथ प्रीमियम भी महंगा होता है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

  1. महंगे कर्ज को लंबे समय तक ढोना

क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन जैसे महंगे कर्ज हर महीने की बचत कम कर देते हैं। इससे रिटायरमेंट के लिए निवेश करना मुश्किल हो जाता है।

  1. एक हीनिवेश में सारा पैसा लगाना

सारा पैसा केवल शेयरों में या सिर्फ सुरक्षित योजनाओं में लगाना दोनों ही सही नहीं है। विशेषज्ञ जरूरत और जोखिम के हिसाब से बैलेंस पोर्टफोलियो रखने की सलाह देते हैं।

देर हो गई है तो भी निराश होने की जरूरत नहीं

अगर 40 साल की उम्र के बाद भी रिटायरमेंट की तैयारी शुरू नहीं हुई है, तो अब भी स्थिति संभाली जा सकती है। इसके लिए हर साल SIP बढ़ाना, बोनस या अतिरिक्त आय को निवेश करना, अनावश्यक खर्च कम करना और लॉन्ग टर्म तक निवेश जारी रखना जरूरी है। साथ ही EPF, PPF और NPS जैसी योजनाओं को भी रिटायरमेंट प्लान का हिस्सा बनाना चाहिए।