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EPF Calculator: पीएफ में सिर्फ 1800 रुपये महीने के योगदान से 25 साल में बन जाएगा 19 लाख का फंड, क्या हैं टैक्स के नियम?

EPF Investment Benefits: EPF स्कीम के जरिए लोग नियमित रूप से बचत करके रिटायरमेंट तक लाखों का फंड बना सकते है। सरकार ने 8.25 फीसदी की ब्याज दर को बरकरार रखा है।
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Employee Provident Fund

EPF यानी कर्मचारी भविष्य निधि (AI Generated Image)

EPF Wealth Creation: कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) नौकरीपेशा लोगों के लिए सबसे भरोसेमंद लॉन्ग टर्म की बचत योजनाओं में शामिल है। जून 2026 तक सरकार ने EPF पर 8.25 फीसदी सालाना ब्याज दर को मंजूरी दी है। रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड बनाने के लिए हमेशा बड़ी रकम निवेश करना जरूरी नहीं होता। अगर कोई कर्मचारी हर महीने सिर्फ 1,800 रुपये का योगदान EPF में देता है और 25 साल तक नियमित निवेश जारी रखता है, एक अच्छा खासा फंड तैयार हो सकता है।

25 साल में कैसे बन सकता है बड़ा फंड

EPF में समय और कंपाउंडिंग दोनों का फायदा मिलता है, इसलिए आपके द्वारा लगाया गया मूलधन 5,40,000 रुपये होता है लेकिन इस पर मिलने वाला ब्याज करीब 13 लाख रुपये होता है। शुरुआती वर्षों में EPF पर मिलने वाला ब्याज कम दिखाई देता है, लेकिन जैसे-जैसे खाते में जमा राशि बढ़ती है, हर साल मिलने वाला ब्याज भी बढ़ने लगता है। यही कंपाउंडिंग का असर है।

विवरणरकम
मासिक EPF योगदान₹1,800
सालाना योगदान₹21,600
निवेश अवधि25 वर्ष
कुल जमा राशि₹5,40,000
EPF ब्याज दर8.25% सालाना
25 साल बाद संभावित फंडलगभग ₹18 लाख से ₹19 लाख
अनुमानित ब्याज से कमाईकरीब ₹13 लाख

EPF के ब्याज पर टैक्स का नियम

एक वित्त वर्ष में कर्मचारी द्वारा दिया गया योगदान यदि 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है तो उस अतिरिक्त योगदान से मिलने वाले ब्याज पर TDS कटता है। यह नियम सिर्फ कर्मचारी के योगदान पर लागू होता है, जबकि एम्प्लॉयर (नियोक्ता) के योगदान पर टैक्स नहीं लगता है।

उदाहरण के लिए, एक कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये प्रति माह है। एम्प्लॉयर EPF योगदान के लिए कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12 फीसदी काटता है। यह रकम साल की 72,000 रुपये बनती है। इसके बाद कर्मचारी ने फाइनेंशियल ईयर के दौरान अपनी इच्छा से वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) में 3.28 लाख रुपये का योगदान दिया। इस तरह से कुल 4 लाख का योगदान कर्मचारी की तरफ से दिया गया। तो इसमें से 2.5 लाख रुपये से ज्यादा के योगदान पर मिले ब्याज पर टीडीएस कटेगा।

नियमित निवेश सबसे जरूरी

EPF के जरिए कम निवेश में बड़ा फंड बनाने के लिए सबसे जरूरी है कि इसे बीच में न रोंके। जो कर्मचारी शुरुआत से लगातार योगदान करते हैं और बीच में निवेश नहीं रोकते, वे रिटायरमेंट तक अच्छा-खासा फंड तैयार कर सकते हैं। भविष्य में वेतन बढ़ने पर EPF में योगदान बढ़ेगा, जिससे अंतिम फंड और बड़ा हो सकता है।