
Credit Card में मिनिमम ड्यू के कई नुकसान हैं। (PC: Freepik)
Credit Card Tips: अगर आप क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल भरने के बजाय हर महीने सिर्फ मिनिमम अमाउंट ड्यू (Minimum Amount Due) भरते हैं, तो सावधान हो जाइए। समय पर मिनिमम ड्यू भरने से आपका भुगतान तुरंत डिफॉल्ट नहीं माना जाता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपका कर्ज खत्म हो गया। बाकी रकम पर भारी ब्याज लग सकता है और धीरे-धीरे यह बकाया बड़ी रकम में बदल सकता है।
मिनिमम अमाउंट ड्यू आमतौर पर कुल बकाया रकम का 5-10 फीसदी होता है। इसका मकसद यह है कि अगर ग्राहक पूरा क्रेडिट कार्ड बिल नहीं भर पा रहा है, तो कम से कम इतनी रकम जमा करके भुगतान को डिफॉल्ट होने से बचा सके। ट्रांसयूनियन सिबिल (TransUnion CIBIL) के MD और CEO भावेश जैन का कहना है कि मिनिमम पेमेंट करने का मतलब आम तौर पर यह होता है कि उस बिलिंग साइकल के लिए अकाउंट को मिस्ड पेमेंट के तौर पर नहीं देखा जाता, लेकिन क्रेडिट-कार्ड अकाउंट पर बकाया राशि बनी रहती है।
मान लीजिए आपका क्रेडिट कार्ड बिल 1 लाख रुपये है और आपने सिर्फ 10,000 रुपये चुकाए। ऐसे में बाकी 90,000 रुपये पर ब्याज लग सकता है। फ्रीड (Freed) के फाउंडर और CEO रितेश श्रीवास्तव ने बताया कि बकाया रकम पर ब्याज पिछली तारीख से लागू होता है। इसका दूसरा बड़ा नुकसान ये है कि हर नए ट्रांजैक्शन पर मिलने वाला 45 दिन का 'इंटरेस्ट-फ्री पीरियड' भी नहीं मिलता। इसके साथ ही क्रेडिट कार्ड पर ब्याज की सालाना दर 20-32 फीसदी तक हो सकती है।
एक बड़ी बात यह भी है कि इससे क्रेडिट स्कोर पर तुरंत निगेटिव असर नहीं पड़ता। ऐसा इसलिए क्योंकि मिनिमम ड्यू समय पर भरने पर खाते को उस बिलिंग साइकिल में मिस्ड पेमेंट नहीं माना जा सकता। लेकिन अगर लंबे समय तक बड़ा बकाया बना रहता है तो Credit Utilisation बढ़ सकता है, जिसका समय के साथ CIBIL Score पर असर पड़ सकता है।
RBI के नियमों के तहत क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में मिनिमम ड्यू भरने के नुकसान की चेतावनी दी जाती है। लेकिन समस्या यह है कि आज कई लोग PDF स्टेटमेंट पढ़ने के बजाय मोबाइल बैंकिंग और पेमेंट ऐप से सीधे बिल भरते हैं। ऐसे में कई ऐप्स पर Minimum Due और Total Amount Due दोनों दिखते हैं, लेकिन भुगतान वाली स्क्रीन पर साफ तौर पर यह नहीं बताया जाता कि Minimum Due भरने पर ब्याज कितना लगेगा।
Published on:
15 Aug 2026 11:30 am
