
क्रेडिट कार्ड ब्लॉक होने का मतलब कार्ड बंद हो जाना नहीं है। (PC: AI)
Credit Card Closure Rules: क्रेडिट कार्ड बंद करवा देने का मतलब यह नहीं है कि बकाया रकम से आपका पीछा छूट गया। अगर कार्ड पर कोई EMI चल रही है, बकाया रकम है या कोई ट्रांजैक्शन अभी बिल में शामिल नहीं हुआ है, तो कार्ड बंद करने के बाद भी आपकी देनदारी खत्म नहीं होती। इसलिए कार्ड बंद कराने से पहले पूरा हिसाब क्लीयर करना जरूरी है। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए। समय पर पूरा पेमेंट नहीं करने पर ब्याज और दूसरे शुल्क तेजी से बढ़ सकते हैं। ऐसे में कार्ड बंद कराने का फैसला करने से पहले कुल बकाया रकम, EMI और हाल के ट्रांजैक्शंस की जांच कर लेना बेहतर है।
सबसे पहले अपने क्रेडिट कार्ड का पूरा स्टेटमेंट देखें। इसमें ये चीजें जरूर जांचें:
अगर किसी रकम को लेकर उलझन है, तो कार्ड जारी करने वाले बैंक या वित्तीय संस्था के कस्टमर केयर से बात करें। खाते को बंद कराने से पहले लिखित या ईमेल के जरिए स्थिति स्पष्ट कर लेना आगे की परेशानी से बचा सकता है।
यह सबसे जरूरी बात है। अगर आपने क्रेडिट कार्ड से कोई खरीदारी EMI में बदलवाई है, तो कार्ड बंद कराने से वह EMI अपने आप खत्म नहीं होती। InstaMoney के CBO निक्की सेहवानी के मुताबिक, कार्ड बंद करने के बाद भी उससे जुड़ी EMI की रकम चुकानी होती है। उनके अनुसार कार्ड बंद करने से पहले सभी EMI, अनबिल्ड ट्रांजैक्शन और दूसरी देनदारियां निपटा लेना बेहतर है। इसके बाद बैंक से कार्ड क्लोजर की औपचारिक पुष्टि भी लेनी चाहिए।
Kiwi के को-फाउंडर और COO सिद्धार्थ मेहता ने भी कहा कि EMI में बदली गई खरीदारी की रकम कार्ड बंद होने के बाद भी बकाया रहती है। कुछ मामलों में बैंक की शर्तों के मुताबिक ग्राहक पूरी रकम पहले ही चुकाने यानी फोरक्लोजर का विकल्प चुन सकता है। हालांकि, इसके लिए शुल्क लग सकता है। इसलिए कार्ड बंद कराने से पहले EMI की शर्तों को ध्यान से पढ़ें। बकाया भुगतान में चूक हुई तो इसका असर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल पर भी पड़ सकता है।
भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड बंद करने का अनुरोध मिलने के बाद कार्ड जारी करने वाले संस्थान को इसे सात वर्किंग दिनों के भीतर बंद करना होता है, लेकिन खाते में कोई बकाया नहीं होना चाहिए। अगर बकाया रकम है तो बैंक को उसकी जानकारी ग्राहक को देनी होती है और बकाया चुकाने के बाद ही क्लोजर प्रक्रिया पूरी होती है। RBI के अनुसार, अगर बकाया नहीं होने के बावजूद बैंक सात वर्किंग दिनों के भीतर कार्ड बंद नहीं करता, तो देरी के हर कैलेंडर दिन के लिए 500 रुपये का जुर्माना ग्राहक को चुकाया जाता है। कार्ड बंद होने के बाद बैंक को ईमेल या SMS जैसे माध्यम से इसकी पुष्टि भी करनी होती है। RBI ने कार्ड बंद कराने के लिए कई माध्यम उपलब्ध कराने की बात कही है, जैसे हेल्पलाइन, ईमेल, वेबसाइट, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप।
कार्ड को ब्लॉक या डी-एक्टिवेट करने का मतलब यह नहीं है कि क्रेडिट कार्ड अकाउंट बंद हो गया। आरबीआई के मुताबिक, कार्ड ब्लॉक होने पर आप उससे नया ट्रांजैक्शन नहीं कर सकते, लेकिन बैंक के साथ आपका क्रेडिट अकाउंट संबंध बना रहता है। वास्तविक क्लोजर तभी माना जाता है जब कार्ड अकाउंट बंद हो जाए।
सारी रकम चुकाने के बाद काम खत्म समझकर न बैठें। बैंक से कार्ड अकाउंट बंद होने की औपचारिक पुष्टि जरूर लें। ईमेल, SMS या बैंक की ओर से मिले क्लोजर कन्फर्मेशन को संभालकर रखें। इससे भविष्य में अगर कोई गलत बकाया या शुल्क दिखाई देता है तो आपके पास रिकॉर्ड रहेगा। नियमों के मुताबिक, कार्ड बंद होने की जानकारी क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों को भी दी जानी होती है।
Updated on:
10 Aug 2026 04:51 pm
Published on:
10 Aug 2026 04:51 pm
