
Emergency Funds 3, 6 और 9 महीने के हिसाब से बनाना चाहिए। (PC : iStock )
Emergency Funds Mistakes: अचानक नौकरी चले जाने, कोई बड़ी मेडिकल इमरजेंसी आ जाने या पैसों की तंगी के समय अधिकतर लोगों के पास इमरजेंसी फंड नहीं होता। अगर होता भी है, तो उसे सही से मैनेज करना नहीं आता। आज अधिकतर लोगों को इमरजेंसी फंड के बारे में तो पता होता है, लेकिन इसे बनाने में लोग कई तरह की गलतियां करते हैं। आज इसी के बारे में बातचीत होगी कि किन गलतियों से बचना चाहिए और किसको कितने समय का इमरजेंसी फंड तैयार रखना चाहिए।
इमरजेंसी फंड के मामले में यह रूल बताता है कि आपको आपकी स्थिति के हिसाब से कितना फंड तैयार रखना चाहिए। ऐसे लोग जो सिंगल है और उनकी जॉब स्टेबल है उनको कम से कम 3 महीने का फंड तैयार रखना चाहिए। वहीं, जो लोग फैमिली के साथ रहते है या कोई लोन चल रहा है तो उनको कम से कम 6 महीने का फंड तैयार रखना चाहिए। सबसे ज्यादा 9 महीने का फंड उन लोगों को तैयार रखना चाहिए, जो लोग फ्रीलांसर है या सेल्फ-एम्प्लॉयड है। ऐसा इसलिए क्योंकि इनकी हर महीने की इनकम अनिश्चित होती है।
इमरजंसी फंड में कितने रुपये जमा करने चाहिए यह आपके हर महीने होने वाले खर्चों पर निर्भर करता है। इसके लिए आपको किराए, EMI, राशन, बिजली-पानी के बिल, अन्य यूटिलिटी बिल और बीमा प्रीमियम जैसे हर महीने खर्च होने वाली रकम को जोड़ना चाहिए जिनको आप नहीं छोड़ सकते। वहीं, बाहर खाना, मनोरंजन, OTT सब्सक्रिप्शन जैसे खर्चों को इसमें न जोड़ें। ऐसे में यह खर्च अगर आपका 25,000 रुपये बनता है तो आपको 6 महीने के हिसाब से 1.5 लाख रुपये का इमरजेंसी फंड तैयार रखना चाहिए।
मास्टरट्रस्ट के चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ रवि सिंह ने बताया कि कई लोग इमरजेंसी फंड के पैसों को अपने बचत खाते में ही जमा रखते है ऐसा नहीं करना चाहिए। क्योंकि जब फंड डेली स्पेंडिंग के पैसों के साथ रहता है, तो वो खर्च होने लगता है। पूरे फंड को किसी दूसरे सेविंग अकाउंट या FD में निवेश करना भी गलत है, क्योंकि इससे आपके पैसे की वैल्यू घट सकती है। वहीं, लॉन्ग टर्म की FD में पूरा पैसा जमा करने से इमरजेंसी पर FD तुड़वाने पर पेनल्टी का चार्ज लगता है जिससे आपको कोई फायदा नहीं होता।
डॉ रवि के अनुसार, अपने पैसों को स्टॉक्स या क्रिप्टो मार्केट में लगाना सबसे बड़ी गलती है, क्योंकि मार्केट क्रैश पर आपका फंड घट सकता है और जब पैसों की सबसे ज्यादा जरूरत हो तब उसकी वैल्यू गिरी हुई हो सकती है। इसके साथ ही फंड को कभी अपडेट नहीं करना भी गलत है। हर साल आपकी EMI, घर के खर्च बदलते रहते है ऐसे में आपको भी अपने इमरजेंसी फंड को हर साल अपडेट करना चाहिए।
डॉ रवि ने बताया कि आपके इमरजेंसी फंड की कुल राशि को दो हिस्सों में बांटकर रखना चाहिए। 30 से 40 फीसदी हिस्से को स्वीप-इन FD में रखना चाहिए। वहीं, बचे हुए 60 से 70 फीसदी हिस्से को लिक्विड म्यूचुअल फंड में रखना चाहिए, क्योंकि ये फंड आमतौर पर शेयर बाजार की तुलना में कम जोखिम वाले होते हैं और अच्छा रिटर्न दे सकते हैं।
Published on:
15 Jun 2026 02:37 pm
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