-Post Office Schemes: कोरोना संकट ( Coronavirus ) के बीच निवेशकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। -पोस्ट ऑफिस ने अलग-अलग वर्ग के हिसाब से योजनाएं चला रखी है। -जहां आप छोटी-छोटी बचत ( Post Office Small Saving Schemes ) से बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।-पोस्ट ऑफिस अपने ग्राहकों की सुविधा के लिए नई-नई सर्विस भी पेश करता रहता है।
नई दिल्ली।
Post Office Schemes: कोरोना संकट ( Coronavirus ) के बीच निवेशकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। भारत में पोस्ट ऑफिस की योजनाओं में निवेश ( Best Investment Plans ) करना लोगों की पहली पसंद है, क्योंकि यहां अच्छे रिटर्न के साथ ही पैसे की सुरक्षा की भी गारंटी रहती है। पोस्ट ऑफिस ने अलग-अलग वर्ग के हिसाब से योजनाएं चला रखी है। जहां आप छोटी-छोटी बचत ( Post Office Small Saving Schemes ) से बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। पोस्ट ऑफिस अपने ग्राहकों की सुविधा के लिए नई-नई सर्विस भी पेश करता रहता है। अगर आप पोस्ट ऑफिस में पब्लिक प्रॉविडेंट फंड ( PPF ), सुकन्या समृद्धि योजना ( SSY ) या किसी अन्य बचत योजना से जुड़ना चाहते हैं तो आपके लिए और आसान हो गया है।
एक फॉर्म के जरिए दो सुविधाएं
पोस्ट ऑफिस ने अपने ग्राहकों के लिए एक नई सुविधा शुरू की है। जिसके तहत जमा और खाता खोलने की सुविधा निकासी फॉर्म (एसबी-7) के जरिए दी जाएगी। आपको बता दें कि ग्रामीण डाक सेवक शाखाओं में चेक सुविधा नहीं है। ऐसी स्थिति में ग्रामीण ग्राहकों को राहत देने के लिए एक ही फॉर्म से दो काम करने की अनुमति दी गई है।
एक ही फॉर्म खुलेगा खाता
इसके बाद अब ग्रामीण डाक सेवक शाखा में पैसा जमा करने और नये खाते खोलने के लिए अलग-अलग फॉर्म की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए निकासी फॉर्म के साथ सेविंग बुक पासबुक ही काफी होगी। इस फॉर्म के जरिए ग्राहक 5,000 रुपये तक जमा कर सकते हैं। वहीं 5 हजार रुपये से अधिक जमा करने के लिए ग्राहकों को डाकघर की बचत पासबुक और पे-इन-स्लिप देनी होगी। इसके अलावा संबंधित योजना के लिए एसबी / आरडी / एसएसए या पीपीएफ की पासबुक भी दिखानी होगी। इसके माध्यम से पैसा पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि सहित अन्य योजनाओं में जमा किया जा सकता है।
ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं
पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले से चल रही ब्याज दरों आप योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। आपको बता दें कि ब्याज दर की समीक्षा हर तिमाही में होती हैं। लेकिन इस बार केंद्र सरकार ने लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है।