RBI की कार्रवाई से 485 करोड़ रुपए की एफडी भी अधर में लटकी साल 2014 में भी RBI ने लगाया था बैंक ट्रांजेक्शंस पर प्रतिबंध
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के एक और सहकारी बैंक के खाताधारकों पर संकट आ गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( rbi ) ने पीएमसी बैंक के बाद अब सीकेपी सहकारी बैंक ( CKP Cooperative Bank ) पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिसकी वजह से सवा लाख अकाउंट होल्डर्स का रुपया फंस गया है। खास बात ये है कि देश में लॉकडाउन है और लोगों का रुपयों की काफी सख्त जरुरत है। ऐसे में बैंक पर कार्रवाई होना खाताधारकों के लिए एक बड़ी मुसीबत है।
बैंक का लाइसेंस रद्द
जानकारी के अनुसार आरबीआई ने सीकेपी सहकारी बैंक लाइसेंस रद्द कर दिया है। जिसकी वजह से बैंक के 11500 जमाकर्ताओं एवं निवेशकों और सवा लाख के करीब खाताधारक फंस गए हैं। जानकारी के अनुसार इस कार्रवाई की वजह से 485 करोड़ रुपए की एफडी भी अधर में लटक गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बैंक का हेड ऑफिस दादर में है। इससे पहले बैंक की नेटवर्थ घटने और घाटा बढऩे की वजह से बैंक की ट्रांतेक्शंस पर 2014 में प्रतिबंध लगाया गया था। बैंक के घाटे को कम करने का प्रयास कई बार किया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
घाटा कम करने के हुए थे प्रसास
इंवेस्टर्स और डिपोजिटर्स की ओर से बैंक के घाटे को कम करने का प्रयास काफी बार किया गया। 2 फीसदी तक ब्याज दरों में कटौती की गई। कुछ डिपोजिटर्स की ओर से अपनी एफडी को शेयर में निवेश भी किया। जिसके बाद बैंक के लिए कुछ बेहतर परिणाम दिखाई दिए। जानकारों की मानें तो कुछ समय में बैंक का घाटा कम हुआ था, लेकिन आरबीआई क कार्रवाई से निवेशकों को बड़ा झटका दिया है।
जानकारी के अनुसार बीते 6 सालों से बैंक प्रतिबंध की अवधि को बढ़ा रहा था। हाल ही में 31 मार्च से अवधि बढ़ाकर 31 मई कर दी गई थी। आपको बता दें कि 2016 में बैंक का नेटवर्थ 146 करोड़ रुपए था। जो मौजूदा समय में बढ़कर 230 करोड़ रुपए हो गया।