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Retirement Planning: रिटायर होने के लिए 1-2 नहीं पूरे 40 करोड़ रुपये की जरूरत… एक बयान जिसने लोगों को चौंका दिया

Retirement Goals: रिटायरमेंट के लिए 40 करोड़ रुपये का आंकड़ा सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञ इसे भविष्य के खर्चों के हिसाब से उचित मानते हैं, जबकि कई लोग इसे अवास्तविक बताते हैं।

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भारत

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Pawan Jayaswal

Apr 29, 2026

Retirement Planning

रिटायरमेंट के लिए जरूरी रकम बढ़ती जा रही है। (PC: AI)

Retirement Planning: आज के दौर में जहां लोग 1 करोड़ रुपये जोड़ने को ही बड़ी उपलब्धि मानते हैं, वहीं रिटायरमेंट के लिए 40 करोड़ रुपये की बात सुनकर कई लोगों के पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी। दरअसल Dezerv के को-फाउंडर संदीप जेठवानी ने एक पॉडकास्ट में रिटायरमेंट के लिए जरूरी रकम का यह आंकड़ा बताया है। पॉडकास्ट में Sonia Shenoy के साथ बातचीत के दौरान बात रिटायरमेंट प्लानिंग पर आ गई। सोनिया ने अपनी स्थिति बताते हुए कहा कि वह करीब 40 साल की हैं और हर महीने करीब 2 लाख रुपये खर्च करती हैं। उन्होंने सीधा सवाल पूछा, “60 साल की उम्र तक मुझे कितना पैसा चाहिए होगा?” जवाब आया, “करीब 40 करोड़ रुपये।”

40 करोड़ में क्या-क्या शामिल है?

यह रकम सिर्फ खर्चों के लिए बताई गई है। इसमें घर या गाड़ी जैसी निजी संपत्तियां शामिल नहीं हैं। जेठवानी के मुताबिक यह पूरा फंड भविष्य के सभी खर्चों को कवर करने के लिए है। यानी बच्चों की पढ़ाई से लेकर रोजमर्रा के खर्च तक, सब कुछ इसी में जोड़कर देखा गया है।

क्यों लगा लोगों को यह आंकड़ा भारी?

भारत जैसे देश में जहां ज्यादातर लोग रिटायरमेंट के लिए 50 लाख या 1 करोड़ तक ही सोच पाते हैं, वहां 40 करोड़ सुनना किसी सपने जैसा लगता है। पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान भी माना गया कि इतनी बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं है।

यूजर्स से आ रहे ऐसे रिएक्शंस

यह वीडियो वायरल होते ही लोगों ने जमकर अपनी राय दी। किसी ने मजाक में कहा कि “क्या 150 साल तक जीने का प्लान है?” कुछ लोगों का मानना है कि 10 करोड़ ही काफी हैं। वहीं, कुछ ने कहा कि यह आंकड़ा बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है और रिटायरमेंट के बाद खर्च वैसे भी कम हो जाता है। कई लोगों ने यह भी कहा कि अगर अपना घर हो और मेट्रो शहर छोड़कर छोटे शहर में रहो, तो 20 करोड़ में आराम से जिंदगी कट सकती है।

सबकी जरूरतें अलग-अलग

सच यह है कि हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है। किसी का खर्च ज्यादा होता है, तो किसी का कम। कोई सादा जीवन जीता है, तो कोई शौक पूरे करना चाहता है। रिटायरमेंट प्लानिंग कोई एक फॉर्मूला नहीं है। यह पूरी तरह आपकी लाइफस्टाइल, महंगाई और जरूरतों पर निर्भर करता है।