धनतेरस के दिन आरबीआई के सोना बेचने की आई थी खबर 27 अक्टूबर को ट्वीट कर आरबीआई ने किया इस खबर का खंडन
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सोना बेचने वाली खबर कर खंडन कर दिया है। केंद्रीय बैंक अधिकारियों ने ट्वीट के जरिए इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि रिजर्व बैंक की ओर से किसी तरह का सोना नहीं बेचा गया है। आपको बता दें कि धनतेरस के दिन सोशल मीडिया पर खबरें उड़ी थी कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से 30 साल में पहली बार अपने रिजर्व से सोना बेचने के बारे में विचार कर रहा है। जालान समिति की ओर से सिफारिश की गई थी कि केंद्रीय बैंक को सोने की बिक्री करनी चाहिए। जिसके बाद केंद्रीय बैंक सोने की ट्रेडिंग के लिए एक्टिव भी हो गया है।
आरबीआई की ओर से ट्वीट द्वारा किया खंडन
आरबीआई की ओर से अब इस खबर का खंडन किया गया है कि आरबीआई अपने रिजर्व से सोना बेचने की तैयारी कर रहा है। आरबीआई की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि आरबीआई ने ना तो कोई सोना नहीं बेचा है और न ही इसमें ट्रेडिंग की है। आपको बता दें कि हाल ही में केंद्रीय बैंक ने भारत सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपए दिए हैं। वहीं केंद्रीय बैंक से भारत सरकार और भी रुपया मांग रही है। जिसके कारण केंद्रीय बैंक अपने फंड को बढ़ाने के लिए रिजर्व सोने की ट्रेडिंग के बारे में विचार कर सकती है।
जालान समिति दी थी सिफारिश
जालान समिति की सिफारिशों की मानें तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया सोने की ट्रेडिंग में अधिक कमाई के हिस्से को सरकार को दे सकती है। आरबीआई ने इस साल अब तक कुल 1.15 अरब डॉलर का सोना बेच दिया है। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार शुरुआत वाले महीने यानी जुलाई 2019 से 5.1 अरब डॉलर का सोना खरीदा है और लगभग 1.15 अरब डॉलर का सोना बेच दिया है।
इतनी है आरबीआई के पास सोने की खेप
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2019 के अंत तक केंद्रीय बैंक के पास 1.987 करोड़ औंस सोना था, 11 अक्टूबर को फॉरेक्स रिजर्व में 26.7 अरब डॉलर के बराबर सोना था। भारतीय रिजर्व बैंक ने जब जालान कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार करने का फैसला किया है, तब से यह सोने की ट्रेडिंग एक्टिव तरीके से करने लगा है। जालान समिति की सिफारिश में कहा गया है कि रिजर्व बैंक को सोने में होने वाला वैल्यूएशन गेन नहीं बल्कि उसकी ट्रेडिंग से हासिल होने वाला प्रॉफिट सरकार के साथ शेयर करना चाहिए।