आरबीआई एमपीसी ने रेपो दरों को 4 फीसदी तक जारी रहने का किया ऐलान अच्छे आर्थिक आंकड़ों को देखते हुए गर्वनर ने दिए इकोनॉमिक रिकवरी के संकेत
नई दिल्ली। जहां एक ओर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने रेपो दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। वहीं दूसरी ओर मौजूदा वित्त वर्ष में 9.50 फीसदी की गिरावट के संकेत दिए हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गर्वनर ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से कहा कि मौजूदा समय में जिस तरह के आंकड़े सामने आ रहे हैं, उससे इकोनॉमिक रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। उसके बाद भी कोरोना वायरस महामारी का असर जीडीपी ग्रोथ रेट पर देखने को मिल रहा है। आइए आपको भी बताते हैं कि उन्होंने पॉलिसी मीटिंग के बाद और क्या कहा...
रेपो दरों में कोई बदलाव नहीं
आरबीआई एमपीसी ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कोर्ट बदलाव नहीं किया है। ऐसे में आम लोगों के लिए रेपो रेट की दरें 4 फीसदी पर ही रहेंगी। वहीं रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी बरकरार रहेंगी। एमपीसी के सदस्यों में से सभी ने 6 मेंबर्स रेपो दरों में स्थिर रखने का फैसला लिया। ब्याज दरों को लेकर अकोमोडेटिव रुख बरकरार रखने की बात कही गई है। आपको बता दें कि फरवरी 2019 के बाद से अब तक एमपीसी ने रेपो रेट में 2.50 फीसदी की बड़ी कटौती कर चुका है।
9.50 की रह सकती है जीडीपी में गिरावट
जहां एक ओर रिजर्व बैंक के गवर्नर इकोनॉमिक रिकवरी की बात कर रहे हैं। वहीं जीडीपी ग्रोथ को लेकर उनका रुख नेगेटिव देखने को मिल रहा है। रिजर्व ने वित्त वर्ष की जीडीपी ग्रोथ जीरो से 9.50 फीसदी नीचे की ओर का अनुमान लगाया है। यानी ग्रोथ 9.50 फीसदी की गिरावट के साथ रह सकती है। शक्तिकांत दास ने कहा कि वर्ष 2021 के लिए वास्तविक जीडीपी में 9.5 फीसदी की गिरावट की संभावना है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों आए आर्थिक आंकड़ों से इकोनॉमिक रिकवरी के संकेत मिले हैं। ग्लोबल इकोनॉमी भी मजबूती के साथ आगे की ओर बढ़ रही है।मैन्युफैक्चरिग, रिटेल बिक्री में कई देशों में रिकवरी दिखी है. खपत, एक्सपोर्ट में भी कई देशों में सुधार दिखने को मिला है।