आरबीआर्इ की शुरू हुर्इ बैठक में 19 प्रस्ताव रखे गए हैं। जिसके बैकिंग सचिव से लेकर कुछ मेंबर्स तमाम मुद्दों पर अपना प्रेजेंटेशन देंगे।
नर्इ दिल्ली। रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया की बोर्ड बैठक मुंबर्इ में शुरू हो गर्इ है। जिसमें 19 प्रस्तावों पर चर्चा की जानी है। यह बैठक कर्इ मामलों में अहम मानी जा रही है। अगर इस बैठक में सरकार आैर आरबीआर्इ के बीच सुलह बात नजर नहीं आती है तो आरबीआर्इ गर्वनर इस बैठक के बाद इस्तीफा भी दे सकते हैं। इस बैठक में सरकार सेंट्रल बोर्ड को ज्यादा अधिकार देने की वकालत कर सकती है। वहीं दूसरी आेर सरप्लस फंड के मुद्दे पर सहमति बनना थोड़ा मुश्किल लग रहा है।
बैठक में 19 प्रस्ताव
आरबीआर्इ की शुरू हुर्इ बैठक में 19 प्रस्ताव रखे गए हैं। जिसके बैकिंग सचिव से लेकर कुछ मेंबर्स तमाम मुद्दों पर अपना प्रेजेंटेशन देंगे। बैंकिंग सचिव प्रेजेंटेशन में पीसीए यानि प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन की शर्तों में ढील देने की वकालत करेंगे। जिसके तहत 11 सरकारी बैंकों को कर्ज देने की छूट की वकालत की जा सकती है। वहीं आर्थिक मामलों के सचिव की तरफ प्रेजेंटेशन में रिजर्व बैंक के कैश रिजर्व के फॉर्मूले पर बात कही जा सकती है। साथ ही प्रेजेंटेशन में एनबीएफसी को अतिरिक्त नकदी मुहैया कराने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
अरुण जेटली की चेतावनी
वहीं दूसरी आेर रिजर्व बैंक की अहम बोर्ड बैठक से पहले वित्त मंत्री ने आरबीआई को चेतावनी देते हुए कहा कि आरबीआई क्रेडिट और नकदी की सप्लाई को ना रोके। उन्होनें कहा कि तेज ग्रोथ के लिए सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी जरूरी है। एक अवार्ड समारोह में वित्त मंत्री ने ये भी कहा कि अगर क्रेडिट पर्याप्त भी है तो सभी सेक्टर की सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।