भारतीय स्टेट बैंक ने एमसीएलआर में 20 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है।
नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने बेंचमार्क उधारी दर (एमसीएलआर) में 20 आधार अंकों की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इससे आवास और वाहन ऋण आदि महंगे हो गए हैं। दरों में बढोतरी एक सितंबर यानी से प्रभावी हो गई है। बैंक की बेवसाइट के मुताबिक, एक साल की अवधि का एमसीएलआर अब 8.25 फीसदी से बढक़र 8.45, दो साल की अवधि का 8.35 से बढ़कर 8.55, तीन साल का 8.45 से बढ़कर 8.65 फीसदी हो गया है। इसके साथ ही ओवरनाइट की अवधि का एमसीएलआर 7.90 से 8.10, एक माह की अवधि का 7.90 से बढ़कर 8.10 और तीन माह की अवधि का 7.95 से बढ़कर 8.15 हो गया है।
दो महीने पहले भी हुई थी बढ़ोतरी
भारतीय स्टेट बैंक ने एक माह पहले भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। तब बैंक ने 10 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि की थी। ब्याज दरों में बढ़ोतरी से होम लोन, कार लोन आदि की ईएमआई में बढ़ोतरी तय है। आपको बता दें कि आरबीआई ने बैंकों को होम लोन को एमसीएलआर से लिंक करने के निर्देश दे रखे हैं। इससे एमसीएलआर में बदलाव से होम लोन की ब्याज दरों पर भी असर पड़ता है। इससे पहले आरबीआई की ओर से रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद बैंकों ने भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी।
मौजूद लोन पर नहीं पड़ेगा असर
भारतीय स्टेट बैंक की ओर से एमसीएलआर में की गई बढ़ोतरी से मौजूदा लोन ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जानकारों के अनुसार, एमसीएलआर में की गई बढ़ोतरी का असर केवल नए ग्राहकों पर ही पड़ेगा। एेसे में पुराने ग्राहकों की ईएमआई में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। हालांकि लोन लेने वाले नए ग्राहकों को अब ज्यादा ईएमआई देनी पड़ेगी।
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