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वेल्थ प्लानिंगः पर्सनल लोन की अच्छी डील में मदद करेंगे ये टिप्स

पर्सनल लोन सबसे असुरक्षित लोन होता है, इसलिए बहुत जरूरी होने पर ही लेना चाहिए। यह वेल्थ हेल्थ के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। फिर भी लेना पड़े तो अच्छी डील के लिए कुछ अहम बातों का ध्यान रखना जरूरी है...

2 min read
Dec 15, 2016
Personal Loan
सवाल-
पर्सनल लोन लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? कम ब्याज दरों पर पर पर्सनल लोन लेने के लिए क्या तरीके अपनाए जा सकते हैं? क्या एक से अधिक बैंक में आवेदन करने का क्रेडिट रेटिंग पर असर पड़ता है?

जवाब-

पर्सनल लोन सबसे असुरक्षित लोन होता है, इसलिए बहुत जरूरी होने पर ही लेना चाहिए। यह वेल्थ हेल्थ के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। कम ब्याज दरों के लिए आपके पास मजबूत और भरोसेमंद क्रेडिट रेटिंग होना चाहिए। इसमें आपका सिबिल स्कोर, वर्क प्रोफाइल, ग्रोथ रेट, उम्र आदि का महत्व होता है। पहले अमाउंट तय करें फिर विभिन्न बैंकों की शर्तों के बारे में रिसर्च करें। ज्यादा बैंकों में आवेदन करने से क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है।

ज्यादा बैंकों में ना करें आवेदन

लोन के लिए आवेदन की प्रक्रिया में सबसे पहले जरूरी राशि तय करें, उसके बाद विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों एवं अन्य शर्तों के संबंध में रिसर्च करें। लोन के लिए एक साथ बहुत ज्यादा बैंकों में आवेदन ना करें इससे आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित होता है, जिससे आपको आगे बड़ा नुकसान होता है।

लोन अमाउंट में अहम ये बातें
लोन अमाउंट सीधे-सीधे आपकी इनकम पर निर्भर करता है। आपकी डिस्पोजेबल इनकम जितनी ज्यादा होगी आप उतने ही बड़े अमाउंट के पात्र होंगे। अक्सर वो बैंक आपको रेडीमेड पर्सनल लोन ऑफर करते हैं जिनके साथ क्रेडिट कार्ड या सेविंग अकाउंट के रूप में लेनदेन होता रहता है। लोन अमाउंट हमेशा उतना ही लें, जितना जरूरी हो। सुनिश्चित करें कि उधार लिया गए पैसे सही उपयोग हो पा रहा है या नहीं। अनावश्यक खर्चों के लिए पर्सनल लोन ना लें। लोन पीरियड जितना कम होगा आपकी वेल्थ हेल्थ के लिए उतना ही बेहतर रहेगा।

...ऐसे कम होगी ब्याज दर

पर्सनल लोन के लिए सभी बैंकों के अपने-अपने नियम हैं। लेकिन कुछ बातें सभी बैंकों में बराबर महत्व रखती है, जिनमें लोन चुकाने की क्षमता, उम्र, वर्क प्रोफाइल, वर्क प्लेस आदि महत्वपूर्ण है। पर्सनल पर इन दिनों विभिन्न भारतीय बैंकों की ब्याज दरें 11.15 फीसदी के बीच चल रही है। क्रेडिट स्कोर जितना अच्छा होगा, ब्याज दरों में उतना ही अच्छा फायदा मिलने की संभावना होती है। 750 से ज्यादा सिबिल स्कोर हमेशा अच्छा माना जाता है। पर्सनल लोन के लिए उस बैंक से संपर्क करना ज्यादा फायदेमंद होगा जिनके साथ आप लंबे समय से लेन-देन कर रहे हों।

ईएमआई कैपेसिटी से तय करें पीरियड

आमतौर पर पर्सनल लोन 12 से 60 महीनों तक के लिए होते हैं। जितनी लंबी अवधि होगी, ब्याज दरें उतनी ही ज्यादा रहने की संभावना होगी। हालांकि लंबी अवधि के दौरान आप छोटी-छोटी ईएमआई के रूप में लोन चुकाने का विकल्प चुन सकते हैं। अपनी ईएमआई भुगतान की कैपेसिटी तय करें और फिर उस हिसाब से जितना लोन पीरियड सेट करें। लोन पीरियड जितना छोटा होगा आपकी जेब के लिए उतना ही बेहतर रहेगा।


एक्सपर्ट- जितेंद्र सोलंकी, फाइनेंशियल प्लानर
Published on:
15 Dec 2016 04:32 pm
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