पाॅलीबैग फोल्डर के स्थान पर कपड़े का फोल्डर प्रयोग करने की सलाह।
फिरोजाबाद। पाॅलीथिन पर बैन लगाए जाने का असर अब सुहागनगरी में देखने को मिलेगा। डीएम नेहा शर्मा ने पाॅलीथिन को लेकर सख्ती दिखाई है। वहीं अब सरकारी कार्यालयों में दस्तावेज रखने के लिए प्रयोग होने वाले पाॅलीबैग फोल्डर पर बैन लगा दिया है। उन्होंने कपड़े के पाॅलीबैग प्रयोग करने पर जोर दिया। कपड़े के पाॅलीबैग सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को वितरित किए जाएंगे। इसका सैंपल भी डीएम ने सभी कर्मचारियों को दे दिया है। ऐसा होने से पाॅलीथिन पर बैन लगने में मदद मिलेगी। वहीं पहले सरकारी कार्यालयों से ही इसकी शुरुआत होगी।
नुकसानदेय हैं पाॅलीबैग फोल्डर
एक कार्यक्रम में पहुंची डीएम नेहा शर्मा और सीडीओ नेहा जैन ने पाॅलीबैग फोल्डर पर प्रतिबंध लगाने के दिशा निर्देश दे दिए हैं। डीएम ने कहा कि पाॅलीथिन शरीर के लिए नुकसानदेय है। पाॅलीथिन जलाने से उससे निकलने वाला धुंआ सांस लने में तकलीफ पैदा करता है। इससे विभिन्न प्रकार की बीमारियां भी मनुष्य को घेर लेती हैं। पाॅलीथिन बंद का असर व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। पाॅलीबैग फोल्डर भी पाॅलीथिन का एक अंग है। इसलिए सरकारी कार्यालयों में अब पाॅलीबैग फोल्डरों के प्रयोग पर रोक लगाई गई है। ऐसा होने के बाद सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य पाॅलीथिन के प्रयोग से दूर रहेंगे।
सबसे उपर्युक्त है कपड़े का फोल्डर
कपड़े का फोल्डर सभी प्रकार से बेहतर है। इसके प्रयोग से शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। किसी भी नियम को लागू करने के लिए पहले स्वयं उस पर अमल करना होता है। जब हम स्वयं पाॅलीथिन का प्रयोग नहीं करेंगे तभी हम दूसरों को पाॅलीथिन का प्रयोग न करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। सरकारी कार्यालयों में पाॅलीबैग का प्रयोग करने वालों के विरुद्ध अब दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डीएम के निर्देश के बाद से ही सरकारी कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों ने पाॅलीबैग के प्रयोग को बंद कर दिया है। बाकी कर्मचारी भी पाॅलीबैग से तौबा कर रहे हैं।