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डीएम परेशान कर रहे… आईफोन लिया यह आरोप लगाने वाली तहसीलदार राखी शर्मा पर बड़ा एक्शन

फिरोजाबाद में डीएम पर आरोप लगाने वाली तहसीलदार राखी शर्मा पर सरकार ने कार्रवाई करते हुए उन्हें लखनऊ अटैच कर दिया है। मामले की जांच शुरू हो गई है। विभागीय कार्रवाई भी जारी है।

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फिरोजाबाद में जिलाधिकारी पर रिश्वत के आरोप लगाने वाली टूंडला की तहसीलदार राखी शर्मा पर सरकार ने सख्त कदम उठाया है। उन्हें तुरंत प्रभाव से लखनऊ स्थित राजस्व परिषद मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पूरे मामले की जांच अब मंडलायुक्त स्तर पर कराई जाएगी। जिससे इस विवाद ने और गंभीर रूप ले लिया है।

फिरोजाबाद में तहसीलदार राखी शर्मा द्वारा जिलाधिकारी पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से राजस्व परिषद मुख्यालय, लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है। जिला सूचना अधिकारी ने व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से इस कार्रवाई की जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा जिस जमीन विवाद को लेकर आरोप लगाए गए थे। उस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। अब इस प्रकरण की जांच मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत करेंगे। बताया जा रहा है कि राखी शर्मा पहले टूंडला तहसील में तैनात थीं। हाल ही में उनका तबादला शिकोहाबाद कर दिया गया था। तबादले के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिलाधिकारी और कुछ कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे।

जिला प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

राखी शर्मा ने कहा था कि उनकी तहसील में कुछ महीने पहले भ्रष्टाचार की शिकायत आई थी। उन्होंने इस मामले को उच्च अधिकारियों के सामने रखा। लेकिन इसके बाद ही उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई। उनका आरोप था कि उनकी सैलरी कई महीनों तक रोक दी गई। बिना उनकी बात सुने उनके खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज कर दी गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उनसे महंगे सामान की मांग की गई। जिसमें आईफोन और अन्य चीजें शामिल थीं। उन्होंने दावा किया कि दबाव में आकर उन्होंने फोन खरीदकर दिया। लेकिन इसके बाद भी उन्हें परेशान किया जाता रहा।

अब जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

तहसीलदार ने यह भी बताया था कि उन्होंने सैलरी न मिलने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद जल्दबाजी में उनकी सैलरी जारी की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें एक जगह बुलाकर दबाव डाला गया कि वे अपनी याचिका वापस ले लें। अपने तबादले को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि उन्हें आधिकारिक आदेश नहीं मिला। लेकिन उनकी जगह दूसरे अधिकारी की तैनाती कर दी गई। अब इस पूरे मामले की जांच शुरू हो चुकी है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।