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फिरोजाबाद : फिरोजाबाद में एक 23 साल की विवाहित महिला ने खुदकुशी कर ली। 23 वर्षीय दयावती पांच साल पहले खुशी-खुशी ससुराल आई थी। शुरू के कुछ साल तो सब कुछ ठीक चल रहा था। घर में सुख-शांति थी, पति संतचरन के साथ जीवन सामान्य रूप से बीत रहा था। लेकिन धीरे-धीरे पड़ोस में रहने वाले चचेरे जेठ सोनू ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया।
दयावती ने कई बार अपनी परेशानी ससुराल वालों और मायके वालों को बताई। उसने सोनू के पिता मोहर सिंह से भी गुहार लगाई कि वे अपने बेटे को रोके, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। बार-बार समझाने के बावजूद सोनू अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।
आखिरकार, लगातार मानसिक प्रताड़ना और इज्जत पर लगे दाग से तंग आकर दयावती ने फैसला कर लिया। सोमवार रात को अपने कमरे में उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो शव कमरे में फंदे से लटका मिला। शव के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें दयावती ने साफ-साफ लिखा था।
'सोनू ने मेरे साथ अच्छा नहीं किया… कहीं का नहीं छोड़ा मुझको, न घर का न बाहर का। आज इसकी वजह से सबकी बुरी बन गई हूं। मेरे ऊपर दाग लग गया है। प्लीज इसे जिंदा मत छोड़ना… मैं इस दाग के साथ जी नहीं सकती। प्लीज मेरे बेटे को उसकी मम्मी की कमी मत होने देना।' नोट में उसने सोनू को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया और आखिरी में लिखा- 'इसको मत छोड़ना।'
दयावती के पिता रामरतन और परिवार ने सोनू तथा उसके पिता मोहर सिंह के खिलाफ थाना बसई मोहम्मदपुर में मुकदमा दर्ज कराया है। परिवार का कहना है कि अगर मोहर सिंह ने शिकायत के बाद भी अपने बेटे पर अंकुश नहीं लगाया तो वे भी बेटी की मौत के जिम्मेदार हैं।
दयावती के पिता ने हालांकि साफ कहा कि ससुराल वालों का इसमें कोई दोष नहीं है। उन्होंने बताया, जब मैं आया तो बेटी फंदे पर लटकी हुई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि युवती जेठ की लगातार परेशानियों से तंग आकर यह कदम उठाने पर मजबूर हुई।
Updated on:
15 Apr 2026 06:37 pm
Published on:
15 Apr 2026 06:13 pm
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