स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाए गए शौचालय में भर दिए गए उपले
फिरोजाबाद। देश की मोदी सरकार स्वच्छ भारत मिशन अभियान पर अरबों, खरबों रूपए शौचालय बनाने पर खर्च कर रही है। सरकार की मंशा है कि पूरे देश को खुले से शौच मुक्त किया जा सके। इसके लिए प्रदेश, जिले, तहसील, ब्लाफक व गांवों को ओडीएफ करने के लिए शौचालय निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। इसके बाद भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना साकार होता नजर नहीं आ रहा है।
शौचालय में भर दिए उपले
सुहागनगरी में करीब डेढ़ लाख शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। इसे लेकर युद्ध स्तर पर शौचालय निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। घर-घर में शौचालय बनवाए जा रहे हैं। शौचालय बनने के बाद भी लोगों की मानसिकता में बदलाव नहीं आ रहा है। शौचालय निर्माण पूरा हो गया लेकिन खुले में जाने की आदत में कोई बदलाव नहीं आया। अभी भी जिले के गांवों में रहने वाली आबादी की करीब 50 प्रतिशत जनता खुले में शौच करने जा रही है। शौचालय में शौच करने की बजाय लाभार्थियों ने कोठरी में उपले भर दिए। जिससे उपलों को बारिश से बचाया जा सके लेकिन स्वयं बारिश में भीगते हुए खेतों में जा रहे हैं।
सोच बदलने से होगा बदलाव
घर में शौचालय बनवा देने मात्र से गांव ओडीएफ नहीं हो जाएगा। जब तक हर घर का सदस्य अपनी सोच में परिवर्तन नहीं लाएगा तब तक बदलाव नहीं आ सकेगा। सरकार का करोडों रूपया शौचालय निर्माण में खर्च हो गया और लाभार्थियों की सोच है कि बदलना नहीं चाहती। कुछ लाभार्थियों ने पहल करते हुए खुले में शौच से आजादी पा ली लेकिन अभी भी काफी हद तक लोग शौचालय का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। इसके लिए स्वच्छ भारत अभियान में काम कर रहे जिले व ब्लाक के प्रेरकों द्वारा गांव-गांव जाकर लाभार्थियों को खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया जा रहा है। सोच बदलने के साथ ही शौचालय का प्रयोग किया जा सकेगा।