— पत्रिका के स्पेशल प्रोग्राम Debate in College में कुसमा दीक्षित महाविद्यालय के छात्र - छात्राओं के साथ चर्चा।
फिरोजाबाद। बदलते परिवेश में शिक्षा का स्तर भी कितनी तेजी से बदल रहा है। ऐसे में छात्रों को किस प्रकार की शिक्षा की आवश्यकता है। ऐसे ही कुछ सवालों को लेकर पत्रिका ने कुसमा दीक्षित महाविद्यालय में पहुंचकर छात्र—छात्राओं के अंदर चल रही सोच को आत्मसात करने का प्रयास किया। पत्रिका के सवालों का छात्र—छात्राओं ने बड़ी संजीदगी से जवाब दिया। साथ ही बताया कि स्वयं के साथ ही समाज में बदलाव लाने के लिए शिक्षा को रोजगार परक बनाया जाना आवश्यक है।
ये बोले स्टूडेंट्स
बीएससी की छात्रा रूचि ने बताया कि प्रत्येक माता—पिता की इच्छा होती है कि उनका बच्चा पढ़ लिखकर उनका नाम रोशन करे। बुलंदियों को प्राप्त करे। इसलिए वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने का प्रयास करते हैं। किताबी ज्ञान दिलाना ही एक मात्र उद्देश्य नहीं होना चाहिए। बल्कि माता—पिता के साथ ही शिक्षकों का दायित्व होता है कि वह अपने छात्र—छात्राओं को ऐसी शिक्षा प्रदान कराएं जो रोजगार परक भी हो।
रोजगार के लिए जरूरी है शिक्षा
छात्र आशीष कुमार ने बताया कि बेसिक एजुकेशन सभी के लिए आवश्यक है। रोजगार के क्षेत्र में शिक्षा का स्थान महत्वपूर्ण है। डेवलपिंग के क्षेत्र में देश को आगे बढ़ाने के लिए रोजगारर परक शिक्षा जरूरी हो गयी है। शिक्षा के स्तर को लेकर उन्होंने कहा कि हर किसी के शिक्षा का स्तर अलग होता है। बच्चा अच्छी शिक्षा को अपने अंदर आत्मसात करने का प्रयास करता है।
मोटिवेट करना भी है मकसद
छात्र प्रिंस यादव बताते हैं कि रोजगार परक शिक्षा की जरूरत इसलिए और बढ़ गई है कि कंपटीशन के माहौल में रोजगार पाना एक सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। आज के समय में जिस छात्र—छात्रा के पास रोजगार के साधन हैं तो उसे सफल माना जाता है। इसलिए शिक्षा को रोजगार परक बनाया जाना चाहिए।