जिस पिता ने अपनी बेटी को उंगली पकड़कर चलना सिखाया, जिसकी मासूम हंसी और अटखेलियों से उसका घर रोशन होता था, उसी पिता ने अपने हाथों से उसकी गर्दन पर कुल्हाड़ी चला दी।
एक बेटी, जो अपने पिता का गर्व थी, कुछ ही पलों में उसकी 'इज्जत' पर कलंक बन गई। जसराना के इंद्रपाल सिंह ने अपनी 18 साल की बेटी नेहा को खेत में उसके प्रेमी के साथ देख लिया। यह एक ऐसा क्षण था, जिसने एक पिता के प्रेम को कुछ ही पलों में क्रोध की आग में बदल दिया। जिस पिता ने कभी बेटी की सुरक्षा की कसम खाई थी, वही उसका जल्लाद बन गया। कुल्हाड़ी से वार करते समय उसके हाथ भी नहीं कांपे।
घटना जसराना के नगला जाट गांव की है। यहां के इंद्रपाल सिंह अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। रात के अंधेरे में बेटी नेहा (18) चुपके से घर से निकली। पिता को शक हुआ तो वो कुल्हाड़ी लेकर उसके पीछे-पीछे खेत में पहुंच गए। वहां बेटी को प्रेमी के साथ देखकर आपा खो दिया। आगबबूला होकर पिता ने बेटी पर हमला कर दिया। बेटी पिता से रहम की भीख मांगती रही। बार-बार कहती रही कि पापा बेटी हूं आपकी…प्लीज माफ कर दो, लेकिन पिता का दिल नहीं पसीला। उसने कुल्हाड़ी से बेटी की गर्दन काट दी, जबकि प्रेमी मौके से भाग निकला।
बेटी को मौत के घाट उतारने के बाद इंद्रपाल चुपचाप घर लौट आया और सामान्य होने का नाटक करने लगा। सुबह जब गांव वालों ने नेहा के शव को देखा तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इंद्रपाल भी उनके साथ घटनास्थल पर पहुंचा और जोर-जोर से रोने लगा। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया। पुलिस को शव हुआ तो उसने पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ में वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया।
नेहा इंटर की छात्रा थी। वह अपने भाई-बहनों में सबसे छोटी और परिवार की लाडली थी। जिस प्रेमी के साथ उसे देखा गया था, उसका घर महज 800 मीटर की दूरी पर है।