संसद में विपक्षी दल 'ऑपरेशन सिंदूर', पहलगाम हमला और सीजफायर के मुद्दे पर सरकार से सवाल करने में जुटी है। इसी बीच, नूपुर शर्मा ने विपक्ष की आलोचना की।
नूपुर शर्मा ने कहा कि विपक्षी दल अपनी सरकार और मंत्रियों पर शक करते हैं। जबकि, दूसरों पर भरोसा कर रहे हैं। दरअसल, संसद के मानसून सत्र में विपक्षी दल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर वाले दावे को लेकर सरकार को घेरने में जुटे हैं। विपक्षी दल सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग कर रहे हैं।
नूपुर शर्मा ने कहा, "संसद सत्र से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि विपक्ष का एक ही काम है आर्मी, कानून-व्यवस्था, सरकार और मंत्रियों पर शक करना। जबकि, दूसरों पर भरोसा करते हैं। कांग्रेस पार्टी पाकिस्तान परस्त कब हो जाती है, उन्हें समझ में नहीं आता। उन्हें समझना चाहिए कि वो सरकार का विरोध करते-करते भारत का विरोध और फिर पाकिस्तान का पक्ष ले लेते हैं।"
उन्होंने कहा, "संसद की कार्यवाही को मैंने सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान को भी सुना। मेरे हिसाब से विपक्ष को थोड़ा संयम के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। उन्हें कम से कम अपनी सेना पर अटूट भरोसा करना चाहिए।"
उल्लेखनीय है कि संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ट्रंप के सीजफायर वाले बयान पर सरकार को घेर रहा है। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस पर प्रधानमंत्री से स्पष्ट प्रतिक्रिया देने की मांग की थी। पीएम मोदी ने चर्चा में भाग लेते हुए मंगलवार को जवाब दिया। उन्होंने लोकसभा में कहा कि दुनिया के किसी भी देश ने भारत को अपनी सुरक्षा में कार्रवाई करने से नहीं रोका था।