पुरी रथ यात्रा (Puri Rath Yatra) के दौरान भगवान जगन्नाथ (Bhagwan Jagnnath) को लगने वाले विशेष व्यंजन दलमा (Dalma) को पूर्व राष्ट्रपति APJ अब्दुल कलाम ने राष्ट्रपति के खाने के मेन्यू में शामिल कराया था।
उड़ीसा के पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ (Bhagwan Jagnnath) की विश्व प्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा (Puri Rath Yatra) एक बहुत बड़ा आयोजन होता है। यह उत्सव 9 दिनों तक चलता है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके भाई भगवान बलभद्र और उनकी बहन सुभद्रा को जगन्नाथ मंदिर (Puri Jagannath Temple) से बड़े लकड़ी के रथों में गुंडिचा मंदिर ले जाया जाता है, जहाँ वे 9 दिन तक रहते हैं। यह रथ यात्रा सिर्फ एक त्योंहार नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव भी है, जो भारत की सुंदरता और स्वाद का जश्न मनाता है। पुरी रथयात्रा के दौरान भी यही देखा जा सकता है, जहां हजारों भक्त रथ खींचते हैं और सर्वशक्तिमान होने का आशीर्वाद मांगते हैं।
देवताओं को 56 तरह के व्यंजन परोसे जाते हैं
रथ यात्रा उत्सव (Rath Yatra Festival) के दौरान पूजा अनुष्ठानों में देवताओं को 56 तरह के व्यंजन परोसे जाते हैं, जिन्हें छप्पन भोग के नाम से जाना जाता है। ऐसे में हम आपको पुरी में परोसे जाने वाले पारंपरिक और लोकप्रिय व्यंजनों के बारे में बता रहे हैं जिनका देवताओं को भोग लगाने के बाद लोगों द्वारा खाया जाता है। ऐसे में आप भी इन टेस्टी व्यंजन को चखने का आनंद ले सकते हैं। आपको बता दें कि पुरी रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ को लगने वाले एक विशेष व्यंजन को पूर्व राष्ट्रपति APJ अब्दुल कलाम ने राष्ट्रपति के खाने (Indian President Foods Menu) के मेन्यू में शामिल कराया था।
पोडा पिथा (Poda Pitha)
पौराणिक दस्तावेजों के अनुसार भगवान जगन्नाथ को मीठा बहुत पसंद है। उनके पसंदीदा इस व्यजन में में चावल के आटे, नारियल, काले चने, गुड़ और इलायची से बना एक पैनकेक जैसा पका हुआ व्यंजन पोडा पिठा शामिल है। ऐसे में आप भी इसें ट्राई कर सकते हैं।
खेचड़ी (Kechadi)
यह खिचड़ी का ही उड़िया संस्करण है। शुद्ध देसी घी में दाल-चावल से बना यह व्यंजन भगवान जगन्नाथ को चढ़ाए जाने वाले 56 व्यंजनों में से एक है।
दलमा (Dalma)
यह दाल और सब्जियों का मिश्रण है जिसको बिना तेल के बनाया जाता है। यह पुरी के विशेष आकर्षणों में से एक है और रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ को चढ़ाया जाता है। इसमें सबसे खास बात ये है कि दलमा को पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के विशेष अनुरोध के बाद राष्ट्रपति के खाने के मेन्यू में भी शामिल किया गया था।