गरियाबंद

खेलने गए भाई-बहन की 5 ​मिनट बाद मौत! गड्ढे में मिली दोनों की लाश, गरियाबंद पुलिस जांच में जुटी

Gariaband Accident: राजिम क्षेत्र से दो भाई बहन की मौत की दुखद खबर सामने आई है। दोनों खेलने के लिए घर से बाहर निकले थे, वहीं कुछ की मिनट में दोनों की मौत हो गई..
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Gariband accident
गड्ढे में गिरने से भाई-बहन की मौत ( Photo - patrika )

Chhattisgarh Accident: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर जारी है। इस बीच हादसे की खबरें भी सामने आ रही है। गरियाबंद जिले के राजिम में एक ही परिवार के भाई-बहन की दर्दनाक मौत हो गई। नगर पंचायत कोपरा में घर के सामने पानी से भरे गड्ढे में गिरने से दोनों की मौत हो गई। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने दोनों की लाश गड्ढे से बरामद की। इस घटना से गांव में मातम छा गया है। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है।

Gariaband Accident: घर के बाहर था बड़ा गड्ढा

जानकारी के अनुसार, मृतक के घर के बाहर करीब 10 से 12 फीट गहरा गड्ढा था, वहीं बारिश के चलते गड्ढे में पानी भर गया था। बताया गया कि 4 वर्षीय बालक और उसकी 6 वर्षीय बहन दोनों खेलने के लिए बाहर गए थे। इस दौरान घर के अन्य लोग अपने काम में व्यस्त थे। कुछ देर बाद जब परिवार के लोगों ने आवाज लगाई तो दोनों नहीं मिले। इसके बाद खोजबीन की, जिसके बाद दोनों के शव गड्ढे से बाहर निकाले गए।

2 से 5 मिनट ही हुए थे..

बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे के घर से बाहर निकलते ही दो मिनट में मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने इन बातों की पुष्टि नहीं की है। परिजनों के अनुसार घर के बाहर बच्चों के नहीं होने का आभास हुआ तो खोजबीन शुरू की। जिसके बाद दोनों के शव गड्ढे में मिले। बताया जा रहा है कि बच्चों के पिता हत्या के एक मामले में जेल में बंद हैं। वहीं दोनों मासूम अपने दादा-दादी और चाचा-चाची के साथ रह रहे थे। इस हादसे ने परिवार पर दुखों का एक और बड़ा पहाड़ तोड़ दिया है।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही पाण्डुका थाना पुलिस मौके पर पहुंची। (Gariaband Accident) पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गड्ढा किस कारण बना था और सुरक्षा के क्या इंतजाम थे।

बगनई नदी में फंसे 14 मजदूरों का सफल रेस्क्यू

विकासखंड छुरा के अंतिम वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम बीजापाल में निर्माणाधीन पुल के कार्य में लगे 14 मजदूर अचानक बगनई नदी में आए तेज बहाव के कारण बीच धारा में फंस गए। लगातार हुई बारिश से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे मजदूरों को अपनी जान बचाने के लिए नदी किनारे मौजूद एक पेड़ का सहारा लेना पड़ा। सभी मजदूरों ने पूरी रात पेड़ पर ही बिताई और सुबह तक राहत एवं बचाव दल के पहुंचने का इंतजार किया।

Updated on:
06 Jul 2026 11:11 am
Published on:
06 Jul 2026 10:27 am