
Devil Fish: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के पंटोरा की पैरी नदी में एक मछुआरे को डेविल फिश(Devil Fish) मिली है। यह मछली भारत से हजारों किलोमीटर दूर दक्षिण अमरीका की अमेजन नदी में पाई जाती है। इसे सकर माउथ कैटफिश कहा जाता है।
एक्सपर्ट का मानना है कि भारत में इन(Devil Fish) मछलियों का मिलना नदी के इको सिस्टम के लिए भी चिंताजनक है। यह मछली आसपास के जीव-जंतुओं को खाकर जिंदा रहती है। इस मछली की चार आंखें होती हैं। इनका असली घर भारत की नदियां नहीं हैं। जानकारों का कहना है कि यह मछली(Devil Fish) पूरी तरह मांसाहारी होती है। नदी में इस मछली के पहुंचने का मतलब होता है कि यह दूसरे जीव-जंतुओं के लिए खतरा पैदा कर देगी। यह कई रंगों में पाई जाती है।
इस मछली का वैज्ञानिक नाम है हाइपोस्टोमस प्लेकोस्टोमस(hypostomus plecostomus) और Siluriformes के अंतर्गत आता है। इसे मछली चूसने वाली शैवाल, कांच साफ करने, पत्थर चूसने, कांच चूसने या कांच चूसने के नाम से भी जाना जाता है।
मछली का रंग
इसका शरीर हल्के भूरे रंग का होता है जिसमें कुछ गोल, काले धब्बे होते हैं। सिर पर भी काले धब्बे हैं। प्रजातियों के आधार पर, कुछ नमूने ऐसे होते हैं जिनका पूरे शरीर पर गहरा रंग होता है।
डेविल फिश(Devil Fish) में पानी से बाहर लंबे समय तक रहने की क्षमता होती है। यहां तक कि इसके माध्यम से चलते हैं। ये मछलियां 14 घंटे तक पानी से बाहर रहे हैं।