जाने के कुछ देर बाद अमन को पता लगा कि वह बैग नहीं उतार पाया है।
गरियाबंद. वर्तमान समय में जहां लोग छोटी-मोटी राशि के लिए एक दूसरे को आहत करने से भी नहीं चूकते। वहीं कुछ ऐसे व्यक्ति भी हैं जो अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं। जो आज के समय में इंसानियत को जिंदा रखते हुए खोया हुआ सामान 5 दिनों बाद पुन: उस व्यक्ति तक पहुंचाकर मिसाल पेश की है।
जानकारी के अनुसार अमन सोनी पिता दरसराम सोनी गरियाबंद से बिलासपुर जाने के लिए एक बैग और एक पॉलीथिन में कुछ सामान लेकर निकला था। पचपेढ़ी नाका रायपुर में उतरकर ऑटो सीजी 04 एचएस 9390 में बैठ घड़ी चौक पहुंचा ही था कि पॉलिथिन हाथ में लेते हुए मोबाइल में किसी से बात करने लगा। इसी दौरान चालक आकाश मसीह ऑटो लेकर आगे चला गया। जाने के कुछ देर बाद अमन को पता लगा कि वह बैग नहीं उतार पाया है।
उसके साथ ही अमन पूरे शहर में बाइक के माध्यम से उक्त ऑटो को तलाशने लगा और रात तक ऑटो और बैग न मिलने की स्थिति में अमन ने रायपुर में ही रिपोर्ट लिखाकर वापस गरियाबंद लौट गया। लेकिन विगत 19 फरवरी को अमन सोनी के पास किसी अज्ञात का फोन आया। और उसने बैग की जानकारी दी। जानकारी मिलते ही अमन के परिजन तत्काल रायपुर पहुंचे। बताएं स्थान पर उन्हें बैग पुन: मिल गया। अज्ञात फोन करने वाला व्यक्ति ऑटो चालक आकाश मसीह ही था।
बैग में रखे नंबर पर किया फोन
अमन के पिता दरशराम सोनी ने बताया कि बैग में सभी सामान यथावत थे। जिसमें अमन सोनी के कपड़े, कॉलेज सामाग्री, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, 4200 नगदी के अलावा कई और अन्य आवश्यक सामाग्रियां भी थी। वहीं आकाश मसीह ने बताया कि 14 फरवरी को बैग गुम होने के बाद उसके द्वारा लगातार बैग मालिक को तलाश किया जा रहा था। अंत में बैग के किनारे पैकेट में अमन सोनी का परिचय पत्र मिला। जिसमें एक नंबर था, उसी नंबर के आधार पर उसने फोन कर बैग वापस किया। लोगों के बीच ऑटो चालक की प्रशंसा लगातार की जा रही है।
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