Ghaziabad News: गाजियाबाद की इंडिया सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों की मौत ने सनसनी फैला दी है। पुलिस जांच में पिता चेतन कुमार के बयान लगातार बदलते पाए गए हैं।
Ghaziabad Suicide News: यूपी के गाजियाबाद में तीन बहनों निशिका (12 साल), पाखी (14 साल) और प्राची (16 साल) की मौत की खबर ने सबको हैरान कर दिया है। ये तीनों बहनें अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी मौत का रहस्य अभी तक सुलझा नहीं है। पुलिस कई दिनों से इस मामले की जांच कर रही है। भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाले इस परिवार के बारे में जो-जो बातें सामने आ रही हैं, वे बहुत हैरान करने वाली हैं।
बच्चियों के पिता चेतन कुमार के बयान पुलिस के लिए हैरानी का सबब बन रहे हैं। उनके कई बयान आपस में मेल नहीं खा रहे। परिवार की शादियां, घर की स्थिति और उनकी जिंदगी के तरीके को देखकर पुलिस भी हैरान है। अब जांच में कुछ ऐसी बातें सामने आई हैं जो पहले नहीं पता थीं।
शुरुआत में चेतन ने पुलिस को बताया था कि उसकी तीसरी पत्नी टीना उसकी साली है। लेकिन जांच में यह बात झूठी निकली। असल में साल 2018 में चेतन क्रेडिट कार्ड बेचने का काम करता था। टीना भी उसी काम में उसके साथ थी। दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई। फिर चेतन ने 22 साल की टीना से शादी कर ली। टीना से उनकी एक 3 साल की छोटी बेटी भी है।
चेतन का फ्लैट तीन बेडरूम का है। लेकिन वह अपनी तीनों पत्नियों के साथ एक ही कमरे में सोता था। उसके पांच बच्चे भी उसी कमरे में मां-बाप के साथ सोते थे। अब बड़ा सवाल यह है कि अगर सब एक ही कमरे में सोते थे, तो उस रात तीनों बहनें दूसरे कमरे में क्यों चली गईं? यह बात पुलिस को बहुत संदिग्ध लग रही है।
चेतन ने पहले कहा था कि सुजाता से उसकी शादी 2010 में हुई थी और हिना से 2013 में। उसका दावा था कि सुजाता से बच्चे नहीं हो रहे थे, इसलिए उसने हिना से दूसरी शादी की। लेकिन जांच में यह बात गलत साबित हो रही है। सुजाता की सबसे बड़ी बेटी प्राची की उम्र 16 साल है। अगर सुजाता से बच्चा नहीं हो रहा था, तो इतनी बड़ी बेटी कैसे हुई? यह विरोधाभास पुलिस के लिए बड़ा सुराग है। सुजाता और हिना दोनों अनपढ़ हैं। वे अपनी शादी की सही तारीख या साल भी नहीं बता पा रही हैं। परिवार के पास शादी से जुड़ा कोई कागज, फोटो या दस्तावेज नहीं है।
जांच में पता चला है कि तीनों बहनें कई सालों से स्कूल नहीं जा रही थीं। परिवार ने पैसे की कमी बताकर उनकी पढ़ाई बंद कर दी थी। पुलिस अब उस स्कूल का पता लगाने की कोशिश कर रही है जहां वे पहले पढ़ती थीं। परिवार का कहना है कि बच्चियां पढ़ाई में बहुत कमजोर थीं और फेल होती रहती थीं, इसलिए उन्हें घर पर रख लिया गया। लेकिन पुलिस को लगता है कि स्कूल से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
मृतक बच्चियां दो मोबाइल फोन इस्तेमाल करती थीं। चेतन ने बताया कि कर्ज चुकाने के लिए एक मोबाइल 6 महीने पहले और दूसरा घटना से 15 दिन पहले बेच दिया था। अब पुलिस उन दोनों मोबाइल का पता लगाने में जुटी है। हो सकता है कि मोबाइल से कोई अहम सुराग मिल जाए।