
Fake Passport Case: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र गाजियाबाद में हुए फर्जी पासपोर्ट कांड ने पूरे प्रदेश को हिलाकर कर दिया है। यह फर्जी पासपोर्ट एक ही मोबाइल नंबर पर जारी किए गए थे। इसमें सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि पुलिस वेरिफिकेशन में भी यह बात पकड़ में नहीं आई, जबकि पासपोर्ट जारी कराने के लिए दिए गए ज्यादातर पते भी फर्जी पाए गए। ऐसे में शासन ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए गाजियाबाद के भोजपुर थाना प्रभारी समेत 11 पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया। इसके बाद इस मामले में एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना को भी हटा दिया गया है। उन्हें अब एसीपी ट्रैफिक द्वितीय की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि भास्कर वर्मा को मोदीनगर का एसीपी बनाया गया है।
गाजियाबाद जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे फर्जी पासपोर्ट प्रकरण में समय रहते कड़ी निगरानी और प्रभावी कार्रवाई न होने को सर्किल स्तर की लापरवाही माना गया है। इस मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन शुरू हुई जांच में सामने आया कि भोजपुर थाना क्षेत्र के चार गांवों के पते पर 22 लोगों के फर्जी पासपोर्ट बनाए गए थे। सत्यापन प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई। जांच के बाद अधिकारियों ने इस मामले में भोजपुर थाने के डाक मुंशी दीपक कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया।
इसके अलावा थानाध्यक्ष संदीप कुमार बालियान समेत आठ दरोगाओं को लाइनहाजिर किया गया। इसमें SHO संदीप कुमार बालियान समेत एसआई रुस्तम सिंह, प्रशांत संसरवाल, मनोज कुमार, रामकुमार, महेंद्र सिंह, विकास सैनी, अंकित कुमार और आदित्य गौतम शामिल हैं। इनके अलावा बुधवार को मोदीनगर थाने के मुंशी विनीत कुमार और मुरादनगर थाने के मुंशी संदीप कुमार को भी लाइन हाजिर कर दिया गया। इस तरह अब तक कुल 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
गाजियाबाद के इस फर्जी पासपोर्ट प्रकरण को पुलिस अधिकारियों ने सर्किल स्तर की लापरवाही मानकर कार्रवाई की है। इसी बीच गुरुवार को गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने पांच एसीपी के कार्यक्षेत्र में फेरबदल कर दिया। इसमें मोदीनगर, नगर कोतवाली और नंदग्राम सर्किल शामिल हैं। हालांकि इसे आधिकारिक रूप से प्रशासनिक बदलाव बताया जा रहा है, लेकिन भोजपुर मामले में थानाध्यक्ष, आठ दरोगाओं और दो सिपाहियों पर कार्रवाई के तुरंत बाद एसीपी मोदीनगर का तबादला होने से इस निर्णय को उसी प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। ज्ञात हो कि भोजपुर थाना मोदीनगर सर्किल के अंतर्गत आता है।
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ की कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार गुरुवार को हुए प्रशासनिक बदलाव में पुलिस आयुक्त ने एसीपी नंदग्राम उपासना पांडेय को नगर कोतवाली सर्किल की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, नगर कोतवाली सर्किल में तैनात एसीपी रितेश त्रिपाठी को यातायात विभाग में एसीपी प्रथम के पद पर भेजा गया है। यातायात विभाग में एसीपी प्रथम के रूप में कार्यरत जियाउद्दीन अहमद को पहली बार किसी सर्किल का प्रभार सौंपा गया है। उन्हें नंदग्राम सर्किल का नया एसीपी नियुक्त किया गया है।
Updated on:
06 Feb 2026 11:43 am
Published on:
06 Feb 2026 11:43 am
