। सरकार और प्रशासन आए दिन ऐतिहासिक स्थलों को संजोने के लिए कोई न कोई नीतियां बनाती रहती है, जिस पर काफी पैसे भी खर्च किए जाते हैं। इसी क्रम में सरकार और प्रशासन का कुछ बोझ कम करने के लिए बुलंदशहर के एक उद्योगपति जयप्रकाश गौड़ ने जिम्मा लिया है। इन्होंने शहर के कुछ ऐतिहासिक स्थलों के विकास और सुंदरीकरण के लिए कई स्थलों को गोद ले लिया है।
शहीदों की कुर्बानी को यूं ही नहीं भुलाया जा सकता
गौड़ का ट्रस्ट ऐतिहासिक स्थलों का जिम्मा उठाएगा। इनमें बुलंदशहर का ऐतिहासिक काला आम चौराहा प्रमुख हैं। अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचारों और आजादी के परवानों की शहादत का यह गवाह रहा है। इतिहास के पन्ने बताते हैं कि इस चौराहे पर आजादी के सैकड़ों मतवालों को आम के पेड़ में टांग कर फांसी दी गई थी। लेकिन बदलते वक्त के साथ लोग इस चौराहे की अहमियत और उन शहीदों को भूल गए।
छह महीने में फिर लौट आएगा इसका वही स्वरूप
उद्योगपति जयप्रकाश गौड़ ने इस ऐतिहासिक चौराहे की गरिमा को वापस लाने का जिम्मा उठाया है। जिलाधिकारी बी. चंद्रकला के प्रयासों से 6 महीने बाद काला आम का ये शहीद स्तंभ शहीदों के नाम से रोशन होगा और यहां से गुजरने वाले 5 मार्ग नए रूप में दिखेंगे।
टूरिस्ट को आकर्षित करने में निभाएगा अहम किरदार
जेपी गौड़ ने बताया कि बुलंदशहर का कालाआम चौराहे और ऐतिहासिक प्रदर्शनी का सुंदरीकरण कराया जाएगा। बुलंदशहर की जिलाधिकारी बी. चंद्रकला ने जेपी गौड़ से पिछले दिनों हुई मुलाकात के दौरान उनसे शहर के बदलाव के लिए मदद करने को कहा था। जिलाधिकारी ने जेपी गौड़ को सिटी की ऐतिहासिक जेल, नुमाइश मैदान और वहां की ऐतिहासिक इमारतों को सहेजने का बीड़ा दिया है। जिलाधिकारी की सहभागिता से नुमाइश की जर्जर रवींद्र नाट्यशाला शानदार और आधुनिक ऑडिटोरियम में बदलेगी। इसके अलावा बैरन हॉल का भी जीर्णोद्वार किया जाएगा।
जेपी गौड़ बदलेेंगे शहर की तकदीर
सिटी के अंसारी रोड चौराहे की रोड पर पुरानी जेल के किनारे की पट्टी पर एक ऐसा पार्क विकसित किया जाएगा,जिसमें हरियाली के अलावा वॉकिंग ट्रैक भी मौजूद होगा। जेपी गौड़ का ट्रस्ट 8 दिनों में इस स्थलों पर अपने खर्चे से काम शुरू कर देगा।