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‘श्रद्धांजलि देने और फोटो खिंचवाने’, रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत पर पहुंचे विधायक आईपी गुप्ता का विरोध

khan sir -roshan anand controversy ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंश यादव की मौत के बाद सहरसा में माहौल गमगीन और तनावपूर्ण बना हुआ है। सोमवार रात उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

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Khan Sir coaching controversy

रौशन आनंद सर (फ़ाइल फोटो)

khan sir -roshan anand controversy ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंश यादव की मौत के बाद इलाके का माहौल गमगीन और तनावपूर्ण बना हुआ है। सोमवार रात सहरसा में प्रिंश का अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके चचेरे दादा उपेंद्र यादव ने मुखाग्नि दी। पिता की तबीयत ठीक नहीं होने के कारण यह जिम्मेदारी उन्हें निभानी पड़ी।

अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रौशन आनंद सहरसा जिले के सौरबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत धमसेना गांव पहुंचे, जहां उनके पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटने लगी। इसी दौरान सहरसा सदर विधायक आईपी गुप्ता के आगमन के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। ग्रामीणों ने विधायक पर केवल श्रद्धांजलि देने और फोटो खिंचवाने के उद्देश्य से आने का आरोप लगाया।

जनप्रतिनिधियों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद अपने भाई प्रिंश यादव के अंतिम दर्शन के दौरान भावुक हो गए और फूट-फूटकर रो पड़े। इस दौरान पूरे परिवार और ग्रामीणों के बीच गहरा शोक और मातम का माहौल रहा। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर शोक-संतप्त परिवार को सांत्वना देते नजर आए। इसी बीच गांव में फैजल खान उर्फ खान और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि जनप्रतिनिधियों ने समय रहते रौशन आनंद के पक्ष में आवाज उठाई होती, तो शायद यह घटना नहीं होती।

लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधि केवल श्रद्धांजलि देने और फोटो खिंचवाने तक ही सीमित रहते हैं, जबकि गंभीर मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका नहीं दिखती। इसी क्रम में सहरसा सदर के विधायक आईपी गुप्ता को भी स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। इससे पहले ग्रामीणों ने विधायक डॉ. गौतम कृष्ण का भी विरोध किया था। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण आज यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल, सहरसा बंद की चेतावनी

ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मौत की परिस्थितियों का पूरी तरह से खुलासा किया जाना चाहिए। इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने सहरसा शहर बंद करने की चेतावनी भी दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि कथित रूप से 2 जून को फैजल खान उर्फ खान के कोचिंग में हुए हमले के बाद दर्ज एफआईआर में प्रिंस यादव को भी नामजद आरोपी बनाया गया था। वहीं, 3 जून को पटना पुलिस ने रौशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया। लोगों का यह भी आरोप है कि बाद में मामले की सच्चाई सामने आने के बावजूद पटना पुलिस ने फैजल खान को कथित रूप से फरार होने का पूरा अवसर दिया।