रौशन आनंद ने कहा कि 13 जून को जेल में खान सर के एक गार्ड ने उन पर दबाव बनाया था। गार्ड ने कथित तौर पर उनसे कहा था कि मामला मैनेज कर लीजिए, नहीं तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। रौशन आनंद के अनुसार, जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया, तो उसी रात उनके भाई प्रिंस यादव की मौत हो गई। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को एक सुनियोजित साजिश बताते हुए मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की।