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बिहार में टाइगर टेरर! खेत में काम कर रही महिला को घसीट ले गया, एक दिन में दूसरी मौत से दहशत

बिहार के पश्चिमी चंपारण में बाघ का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे इलाके में 24 घंटे के भीतर बाघ के हमले में दो लोगों की मौत हो गई।
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टाइगर (सांकेतिक तस्वीर)

बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे इलाके में शुक्रवार को एक जंगली बाघ के हमले में 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई। यह इलाके में पिछले 24 घंटे के भीतर बाघ के हमले में दूसरी मौत है, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। मृतका की पहचान उमरावती देवी के रूप में हुई है। वह वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) की मदनपुर वन क्षेत्र के अंतर्गत धान के खेत में काम कर रही थीं। उमरावती देवी नौरंगिया थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-13 की निवासी थीं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बाघ अचानक गन्ने के खेत से निकला और उमरावती देवी की गर्दन दबोचकर उन्हें जंगल की ओर घसीटने लगा। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और महिला की तलाश शुरू कर दी। ग्रामीण लाठियां लेकर मौके पर पहुंचे और बाघ को खदेड़ने का प्रयास किया। लोगों के विरोध के बाद बाघ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया, लेकिन तब तक उमरावती देवी की मौत हो चुकी थी। मृतका के पति रामायण चौधरी ने बताया कि उनकी पत्नी रोज की तरह खेत में काम करने गई थीं। उन्होंने कहा कि इससे पहले इलाके में ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी।

24 घंटे में बाघ के हमले से दूसरी मौत

स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले 24 घंटे के भीतर यह बाघ के हमले में दूसरी मौत है। 30 जुलाई को 65 वर्षीय अकलू यादव पर उस समय हमला हुआ था, जब वह खेत में बकरियां चरा रहे थे। गंभीर रूप से घायल अकलू यादव को इलाज के लिए गोरखपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। लगातार दो मौतों के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण खेतों में जाने से भी डर रहे हैं।

वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

मदनपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नसीम अंसारी ने बताया कि मानव बस्तियों के आसपास बाघ की गतिविधियों को देखते हुए गश्त बढ़ा दी गई है। सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) के जरिए लोगों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे खेतों में अकेले न जाएं, बल्कि समूह में जाएं और जंगल से सटे रास्तों से बचें। वन विभाग ने पांच सदस्यीय टाइगर ट्रैकर टीम को भी अलर्ट पर रखा है। वन संरक्षक गौरव ओझा ने कहा कि विभाग आसपास के गांवों और जंगल की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

एक दिन पहले मिला था नर बाघ का शव

गौरतलब है कि गुरुवार को मदनपुर वन क्षेत्र से करीब 10 साल के एक नर बाघ का शव बरामद हुआ था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वन विभाग को आशंका है कि बाघ की मौत क्षेत्रीय वर्चस्व (टेरिटोरियल) को लेकर दूसरे बाघ से हुई लड़ाई में हुई होगी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।