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Bihar Politics: SC के सवाल से घिरे मंत्री दीपक प्रकाश, इस्तीफे पर बोले- फैसला RJD नहीं, सुप्रीम कोर्ट करेगा

बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने पहली बार उच्चतम न्यायालय द्वारा बिना किसी सदन का सदस्य बने छह माह से अधिक समय तक मंत्री बने रहने पर कहा कि इस मामले में बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखेगी और जो भी फैसला होगा, वह संविधान के प्रावधानों के अनुसार होगा। वहीं, आरजेडी की ओर से इस्तीफे की मांग पर उन्होंने दो टूक कहा कि यह फैसला विपक्ष नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट करेगा।
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पटना

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Rajesh Kumar Ojha

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Updated: 31 Jul 2026, 5:14 PM IST

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बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश (फोटो- दीपक प्रकाश फेसबुक)

Bihar Politics बिना किसी सदन के सदस्य बने छह माह से अधिक समय तक मंत्री पद पर बने रहने को लेकर उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी के बाद बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने शुक्रवार को अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखेगी और जो भी संवैधानिक प्रावधान होंगे, उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया था कि बिना विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बने दीपक प्रकाश छह माह से अधिक समय तक मंत्री कैसे बने हुए हैं। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ेगा।

शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में दीपक प्रकाश ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने जो सवाल उठाया है, उस पर बिहार सरकार अपना जवाब देगी। जो भी संवैधानिक प्रावधान हैं, उनका पालन किया जाएगा।" हालांकि, जब उनसे मंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए।

RJD की मांग पर क्या बोले दीपक प्रकाश?

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से इस्तीफे की मांग किए जाने पर दीपक प्रकाश ने कहा, "यह तय करने वाला आरजेडी कौन होता है कि कौन मंत्री रहेगा और कौन इस्तीफा देगा? इसका फैसला आरजेडी नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट करेगा।" जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि संविधान के अनुसार कोई व्यक्ति बिना किसी सदन का सदस्य बने अधिकतम छह माह तक ही मंत्री रह सकता है, जबकि वह 8 मार्च से मंत्री हैं, तो उन्होंने कहा, "NDA के तमाम नेताओं का आशीर्वाद है, इसलिए मैं मंत्री हूं।"

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद बढ़ी चर्चा

दीपक प्रकाश पिछले कई महीनों से बिना किसी सदन के सदस्य बने बिहार सरकार में मंत्री हैं। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद उनके मंत्री पद को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव के बाद जब उन्हें मंत्री बनाया गया था, तब माना जा रहा था कि उन्हें एनडीए कोटे से बिहार विधान परिषद भेजा जाएगा। लेकिन एनडीए ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया। इसके बाद से उनके मंत्री पद की संवैधानिक स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद यह मुद्दा फिर से राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय बन गया है